आसनसोल. आसनसोल नॉर्थ थाना अंतर्गत परीरा ग्राम निवासी समर बाउरी को सोमवार की रात पनौड़ा ग्राम के गैरेज के निकट पहले से घात लगाये हुए चार अपराधियों ने गोली मार दी. इसके बाद वे बाइक पर सवार होकर भाग निकले. समर पानौडा ग्राम से मेला देख कर घर वापस लौट रहा था. गोली उसके कंधे के नीचे बांह में लगी. स्थानीय निवासियों से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उसे इलाज के लिए आसनसोल जिला अस्पताल में दाखिल कराया. चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर बांह से गोली निकाल दी. चिकित्सकों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
जिला अस्पताल के मेल वार्ड में दाखिल तथा घायल श्री बाउरी ने कहा कि वे सोमवार की रात पानौड़ा गांव से मेला देख कर घर लौट रहे थे. जैसे ही वे अपनी बाइक निकालने के लिए आगे बढ़े, अचानक किसी ने उन पर दो राउंड फायरिंग कर दी. एक गोली चूक गयी तथा दूसरी गोली उनके दाहिने बाजू में लगी. अंधेरा होने के कारण वे हमलावरों को पहचान नहीं सके.
हमलावरों की संख्या चार थी. सभी हेलमेट पहने हुए थे. उनके शोर मचाने के बाद सभी दो बाइक पर सवार होकर तेज रफ्तार से भाग निकले. उन्होंने कहा कि उनसे किसी की दुश्मनी नहीं है. आसनसोल नॉर्थ थाना प्रभारी असीम मजूमदार ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है. अंधेरा होने के कारण पीड़ित किसी को पहचान नहीं पाया. स्थानीय पार्षद नरेंद्र मुमरू ने कहा कि समर बाउरी उनके वार्ड के सक्रिय तृणमूल कर्मी हैं. परीरा ओसीपी में एक ठेकेदार द्वारा किये गये निर्माण कार्य की देख रेख करते थे. ओसीपी से संबंधित सभी विवाद मंत्री मलय घटक के हस्तक्षेप से सुलझा लिये गये हैं. हमले का कारण कोई बता नहीं पा रहा है. सूत्रों के अनुसार समर बाउरी परीरा ग्राम में इसीएल के ओसीपी प्रोजेक्ट में ग्रामीणों के मांगों के समर्थन में हर आंदोलन में साथ देते थे.
परीरा ग्राम में ओसीपी चालू करने को लेकर दो गुट सक्रिय हैं. एक गुट की मांग है कि ओसीपी चालू हो और ओसीपी में होने वाले उत्पादन का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ उस गुट के सदस्यो को मिले. परंतु दूसरा गुट ओसीपी के ब्लास्ट से ग्रामीणों के घरों में हुए क्षतिपूर्ति की मांग, जमीन के बदले मुआवजे की मांग, ओसीपी में आउटसोर्स कार्यो में स्थानीय बेरोजगारों के नियोजन की मांग के समर्थन से जुडा हुआ है. जो ग्रामीणों के मांगों के पुरा होने तक ओसीपी में इसीएल के उत्पादन चालू करने के सख्त खिलाफ है. दोनों ही गुटों में इससे पहले भी छोटे बडे विवाद हो चुके हैं.
