आसनसोल व बर्नपुर के लिए समान अवसर देने की मांग रखी अखाड़ा प्रतिनिधि ने
मोहर्रम कमेटी ने किया समर्थन अतिरिक्त समय आवंटन का, कायम है वर्षों से भाईचारा
बर्नपुर : हीरापुर थाना पुलिस की पहल पर स्थानीय भारती भवन में विभिन्न दुर्गा पूजा आयोजन कमेटियों, महावीर अखाड़ों तथा मुर्हरम कमेटी के प्रतिनिधियों की बैठक पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ हुयी. इसमें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (वेस्ट) अनामित्र दास, सहायक पुलिस आयुक्त (वेस्ट) अग्निवेश्वर चौधरी, सर्किल इंस्पेक्टर (सीआइ) मनीष कुमार माइती, हीरापुर थाना प्रभारी राजशेखर मुखर्जी,
अगिशामक दल अधिकारी, रक्तदान आंदोलन के प्रणोता प्रवीर धर, आइएसपी (उपमहाप्रबंधक) ओम प्रकाश सिंह, अहमेद्दुला खान, मिंटू अंसारी, मुहम्मद असलम, शिव स्थान सेंट्रल महावीरी अखाड़ा के सचिव गौरी शंकर सिंह, कन्हैया लाल शर्मा, तृणमूल के जिला महासचिव प्रबोध राय, शिव स्थान मंदिर कमेटी के सचिव ओम प्रकाश सिंह आदि उपस्थित थे. एडीसीपी (वेस्ट) श्री मित्र ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश के अनुसार दुर्गा पूजा की प्रतिमाओं को दशमी यानी 11 अक्तूबर को शाम चार बजे तक विसजिर्त कर देना होगा. महावीरी अखाड़े उस दिन चार बजे शाम तक वापस अपने गन्तव्य की ओर प्रस्थान कर जायेगे. इसके साथ ही 12 अक्टूबर को मुर्हरम का अखाड़ा निकाला जायेगा.
सेंट्रल अखाड़ा कमेटी के सचिव श्री सिंह ने कहा कि आसनसोल व बर्नपुर में दो प्रकार से निर्णय लिया गया. आसनसोल में देर रात तक महावीरी अखाड़ा निकाला जायेगा. बर्नपुर में इसका समय अपराह्न् चार बजे तक दिया गया. इससे स्थानीय अखाड़ा तथा दुर्गोत्सव कमेटियों को परेशानी ङोलनी पड़ सकती है. श्रद्धालु अखाड़ा का झांकियों का आनंद ठीक से नहीं ले पायेंगे.
इस समय अवधि को बढ़ाना जाना चाहिए. मुर्हरम कमेटी के प्रतिनिधि अहमेदुल्ला खान ने कहा कि महावीरी अखाड़ा संचालक अगर कुछ और समय लेना चाहते है तो इससे मुर्हरम कमेटी को कोई परेशानी नहीं है. बर्नपुर में अमन शांति से दोनो ही अखाड़ा निकाला जायेगा. इसके लिए प्रशासन तथा दोनो समुदाय के लोग भी तत्पर है.
वार्ड 77 में 85 क्विंटल गेहूं का वितरण
बर्नपुर. वार्ड संख्या 77 अंतर्गत इलाकों में चार दिनो से चल रहे गेहूं वितरण का कार्य सोमवार को समाप्त हुआ. पार्षद श्रवण साव ने बताया कि इलाके में 17 सौ परिवारो के बीच इसका वितरण किया गया.
प्रत्येक परिवार को पांच किलो कर 85 क्विंटल का वितरण हुआ. उन्होंने कहा कि जरूरत मंद लोगो के घर-घर जाकर कूपन बांटा गया था. इस कूपन को लेकर रांगापाड़ा स्थित राशन दुकान से गेहूं का वितरण किया गया. हालांकि कुछ लाभुकों का कहना था कि दुकान की दूरी अधिक रहने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुयी.
सनद रहे कि त्रिवेणी मोड़ से रांगापाड़ा तक का बस का किराया एक तरफ का सात रूपये है. उनका तर्क था कि 14 रूपये खर्च कर पांच किलो गेहूं मिल रहा है. नरसिंह बांध में पिछड़ी जाति, गरीब, झुग्गी झोपड़ियो में रहने वाले निवासियों की संख्या अधिक होने के कारण 17 सौ परिवारों को गेहूं देने के बाद भी सभी को नहीं मिल सका है.
