राज्य सरकार ने कुलपति को लिखा पत्र, शनिवार को हुई बोर्ड की बैठक
दक्षिण बंगाल के जिलों के स्टूडेंट्सों को नहीं जाना पड़ेगा राज्य मुख्यालय
आसनसोल : आसनसोल में पश्चिम बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जूडिसियल साइंसेज की शाखा स्थापित करने के मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन बोर्ड आगामी 12 नवंबर को अपनी बैठक में निर्णय लेगा. इस मुद्दे पर बीते 24 सितंबर को बैठक में चर्चा हुयी थी. लेकिन इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका. इधर राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के कुलपति ईश्वरा भट की कार्यावधि में पांच वर्ष का विस्तार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. उनका कार्यकाल आगामी दिसंबर में समाप्त होनेवाला था. श्रम सह विधि व न्याय मंत्री मलय घटक ने कहा कि देश के विधि संस्थानों में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जूडिसियल साइंसेज की काफी प्रतिष्ठा है.
पश्चिम बंगाल में कोलकाता में इसकी शाखा है. इस संस्थान से प्रति वर्ष 125 स्टूडेंट्स शिक्षा प्राप्त करते हैं. जबकि इस शिक्षण संस्थान में नामांकन पाने की आकांक्षा रखनेवालों की संख्या प्रतिवर्ष हजारों में होती है. कम संख्या होने के कारण ही इन स्टूडेंट्सों को इसमें पढ़ने का मौका नहीं मिलता है.
उन्होंने इस संबंध में यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री भट को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रतिष्ठा व इसमें अध्ययन की आकांक्षा रखनेवाले छात्रों की संख्या को देखते हुए कोलकाता परिसर में प्रति वर्ष की मौजूदा क्षमता को दोगुनी करने की जरूरत है. इस समय 125 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. इनकी संख्या बढ़ा कर ढ़ाई सौ प्रतिवर्ष की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा संस्थानों को पूरे राज्य में ले जाने का अभियान शुरू किया है. इसी आलोक में इस यूनिवर्सिटी की शाखा आसनसोल व सिलिगुड़ी में कोलने के लिए कुलपति से आग्रह किया गया है.
इन शहरों में इसकी शाखा खुलने के बाद दूरदराज जिलों के स्टूडेंट्सों को इसके लिए कोलकाता नहीं जाना पड़ेगा. दक्षिण बंगाल के जिलों के स्टूडेंट्स आसनसोल तथा नॉर्थ बंगाल के विभिन्न जिलों के स्टूडेंट्स सिलिगुड़ी में अध्ययन कर पायेंगे.
इस संबंध में अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यूनिवर्सिटी बोर्ड की बैठक शनिवार को हुयी थी. इसमें मंत्री श्री घटक केद्वारा लिखे गये पत्र को आपात मुद्दे के रूप में शामिल किया गया. इस मुद्दे पर प्रारंभिक चर्चा की गयी. लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका. आगामी 12 नवंबर को होनेवाली बैठक में इस पर निर्णय हो सकता है. यदि आसनसोल में इसकी शाखा खोलने की अनुमति मिल जाती है तो आसनसोल के लिए यह बड़ी उपलब्धि साबित होगी. सनद रहे कि इसके पहले काजी नजरूल यूनिवर्सिटी मे लॉ की पढ़ाई शुरू हो गयी है. विभाग को मजबूत करने के लिए स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है.
