आय घोषणा योजना का लाभ उठायें व्यवसायी समय से पहले

काले धन को सफेद करने के लिए केंद्र सरकार ने दिया स्वर्णिम मौका न पूछा जायेगा आय का स्त्रोत न सार्वजनिक किये जायेंगे डाटा राज्य के प्रधान आयकर आयुक्त ने दुर्गापुर में सेमिनार को किया संबोधित दुर्गापुर. आयकर विभाग के प्रधान आयुक्त आशीष वर्मा ने कहा कि व्यवसायियों को केंद्र सरकार के स्तर से दी […]

काले धन को सफेद करने के लिए केंद्र सरकार ने दिया स्वर्णिम मौका
न पूछा जायेगा आय का स्त्रोत न सार्वजनिक किये जायेंगे डाटा
राज्य के प्रधान आयकर आयुक्त ने दुर्गापुर में सेमिनार को किया संबोधित
दुर्गापुर. आयकर विभाग के प्रधान आयुक्त आशीष वर्मा ने कहा कि व्यवसायियों को केंद्र सरकार के स्तर से दी गयी सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए. अन्यथा बाद में पछताने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह जाता है. केंद्र सरकार की आय घोषणा योजना पर स्थानीय आयकर कार्यालय परिसर में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुे उन्होंने कहा कि तय समय पर यदि इसका लाभ व्यवसायी नहीं उठा सके तो समय बीतने के बाद उनके लिए परेशानी शुरू हो सकती है.
प्रधान आयुक्त श्री वमर्आ ने कहा कि व्यवसायियों के हित में केंद्र सरकार ने आय घोषणा योजना लागू की है.इसका उद्देश्य देश का राजस्व बढ़ाने के साथ ही व्यवसायियों को काले धन से मुक्ति पाने का एक मौका देना है. उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिकों को आगे आकर सही समय पर आयकर देना चाहिए. क्योंकि देश की विकास योजनाएं इसी पर निर्भर करती है. देश के विकास के लिए राजस्व का बढ़ाना बेहद जरूरी है. उसी से देश का विकास होता है. केंद्र सरकार भी इस मामले में काफी क ड़ा रवैया अपनाने जा रही है. लोगों की सुविधा के लिए आय घोषणा योजना शुरू की गयी है. व्यवसायियों को इसका लाभ उठाना चाहिए समय बीत जाने के बाद इस तरह की कोई सुविधा नहीं मिलेगी. काले धन के खिलाफ अभिया न शुरू होते ही पकड़े जाने पर न सिर्फ राशि जब्त होगी, बल्कि जुर्माना भी लगेगा. जेल जाने की भी नौबत आ सकती है.
उन्होंने कहा कि पूरे देश में आयकर विभाग ने विभिन्न व्यावसायिक संगठनों की मदद से जागरूकता अभियान शुरू किया है. कोशिश है कि हर व्यवसायी तक यह बात पहुंचे. इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रावधान पूरी तरह से स्पष्ट हैं. आय घोषणा करने पर संबंधित व्यवसायी के डाटा पूरी तरह से गुप्त रखे जायेंगे तथा उनसे आय के स्त्रोत की भी जानकारी नहीं ली जायेगी. उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि प्रारंभ में कर से संबंधित रूपये बैंक में जमा करने में परेशानी हो रही थी. लेकिन विभागीय स्तर पर पहल कर इस तकनीकी बाधा को भी दूर कर दिया गया है. व्यवसायी नगद रुपये भी बैंक में जमा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी व्यवसायियों को कोई परेशा नी होती है तो वे आयकर विभाग के किसी भी स्तर के अधिकारी से संपर्क कर मदद ले सकते हैं.
उन्होंने कहा कि दुर्गापुर औद्योगिक शहर है. इसके विकास की अपार संभावना है. यदि व्यवसायी सब कुछ सही कर रखेंगे तो उनको इसका पूरा लाभ मिलेगा तथा वे अपने व्यवसाय को अधिक ऊंचाइयों तक ले जा पायेंगे. उन्होंने कहा कि यदि व्यवसायी इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ेंगे तो आयकर विभाग दो कदम आगे बढ़ कर उनकी सहायता करेगा. उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में कर के मद से अजिर्त राशि का योगदान काफी कम है. इसमें लगातार वृद्धि की जरूरत है. नेपाल व अन्य छोटे देश इस मामले में हमारे देश से काफी आगे हैं.
इस दौरान संयुक्त आयकर आयुक्त अजय कुमार केशरी, दुर्गापुर भोजपुरी मंच से एसडी ओझा, राम आसन सिंह, लायन्स क्लब (दुर्गापुर) के पुर्णेंदु लायक, दुर्गापुर सम्मान वेलफेयर सोसायटी के राकेश भट्ड़, अखिल भारतीय संस्कृति परिषद की ज्योित सिंह, डीवीसी के मोहम्मद शमीम, टीचर्स एसोसिएशन के डॉ कलीमुल हक, विवेक मुखर्जी, जसबिंदर सिंह आदि ने श्री वर्मा को सम्मानित किया.

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