प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान के बाद ही ट्रेड लाइसेंस जारी किये जाने की शर्त का कड़ाई से हो रहे पालन के कारण हो रही परेशानियों के मुद्दे पर विभिन्न व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मेयर जितेंद्र तिवारी से मुलाकात की. लेकिन इस बैठक में नये सिरे से कोई निर्णय नहीं हो सका.
आसनसोल : ट्रेड लाइसेंस और होल्डिंग टैक्स शुल्क में संशोधन की मांग के समर्थन में विभिन्न व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को आसनसोल नगर निगम कार्यालय में मेयर जितेंद्र तिवारी के साथ बैठक की. विभिन्न चेंबर प्रतिनिधियों ने निर्धारित शुल्क में कटौती की मांग की. उनका तर्क था कि आसनसोल नगर निगम क्षेत्र का दायरा अधिक होने के कारण सभी क्षेत्र समान रूप से विकसित नहीं है. लेकिन मेयर श्री तिवारी ने कहा कि निगम प्रशासन ने पहले ही निगम इलाकों को विभिन्न ग्रुप में बांट कर शुल्क का निर्धारण किया है.
इस कारण इसमें कोई बदलाव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि बिना होल्डिंग टैक्स के भुगतान के ट्रेड लाइसेंस जारी नहीं करने की बात फिर दुहरायी.
बैठक में फॉस्बेक्की के कार्यकारी अध्यक्ष आरपी खेतान, आसनसोल नॉर्थ चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष मनदीप सिंह लाली, सचिव मनोज भाष्कर, आसनसोल मर्चेट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रवि पाल अस्सी, उपाध्यक्ष श्याम लाल केडिया, आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, नियामतपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव गुरविंदर सिंह, नियामतपुर मर्चेट चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र सोनी, सचिव सचिन वालोदिया, बराकर चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शिबु अग्रवाल, उपाध्यक्ष बालमुकुंद अग्रवाल उपस्थित थे.
फॉस्बेक्की के कार्यकारी अध्यक्ष श्री खेतान ने कहा कि होल्डिंग टैक्स के साथ ट्रेड लाइसेंस को जोड़े जाने से व्यवसायियों को काफी परेशानी हो रही है. खास कर छोटे व किरायेदार दुकानों को.
उन्होंने कहा कि जिनका ट्रेड लाइसेंस शुल्क एक हजार रुपये तक है, वे अपने मकान मालिक के होल्डिंग टैक्स का भुगतान कैसे कर सकते हैं? उनके ट्रेड लाइसेंस को इस शर्त्त से अलग रखा जाये. उन्होंने कहा कि होल्डिंग टैक्स में काफी बढ़ोत्तरी की गयी है. इसमं कटौती होने से व्यवसायियों को काफी सहूलियत होती. साथ ही आसनसोल शहर व रानीगंज शहर या जामुड़िया व कुल्टी शहरों की स्थिति अलग-अलग है. इनके लिए समान नजरिया अपनाना हितकारी नहीं होगा. इन तीन शहरों के प्रति नजरिया अलग होना चाहिए. रानीगंज, कुल्टी, जामुडिया अंतर्गत अविकसित क्षेत्र के व्यवसायियों के लिए ट्रेड लाइसेंस शुल्क में आसनसोल जैसे विकसित क्षेत्र के मुकाबले ट्रेड लाइसेंस और होल्डिंग टैक्स का शुल्क कम करने का प्रस्ताव रखा गया.
टैक्स में कटौती की अब गुंजाइश नहीं
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि जिन्होंने मार्च, 2016 तक का होल्डिंग टैक्स निगम कार्यालय में जमा कर दिया है, उनका ट्रेड लाइसेंस अविलंब निर्गत किया जायेगा. इस शुल्क का भुगतान करते ही ट्रेड लाइसेंस शीघ्र जारी किया जायेगा. उन्होंने कहा कि आसनसोल नगर निगम में जिन तीन नगरपालिकाओं का विलय किया गया है, उन्हें विलय तक के समय का होल्ंिडग टैक्स पुराने दर से तथा विलय के बाद का टैक्स नये दर से देना होगा. इन टैक्सों के भुगतान होने के बाद ट्रेड लाइसेंस निर्गत करने में कोई परेशानी नहीं होगी.
उन्होंने कहा कि पहले ही टैक्स में काफी कमी की गयी है. इसमें अब कटौती की गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि विकसित, अविकसित, अति विकसित क्षेत्र का वर्गीकरण कर नगर निगम प्रशासन ने जो टैक्स दर निर्धारित किया है, उसी हिसाब से टैक्स देना होगा.
अगर किसी व्यवसायी या उनके प्रतिनिधि को ट्रेड लाइसेंस शुल्क निर्धारण में कहीं कोई अनियमितता लगती हो तो वे सुधार करने के लिए तैयार हैं. परंतु टैक्स की जो नयी दर निगम ने निर्धारित कर दी है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया जायेगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि छोटे दुकानदारों के साथ बीच का रास्ता निकालने की दिशा में वे पहल करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी निर्णय मेयर परिषद व नगर निगम बोर्ड की बैठक में लिये गये हैं. वे अपने स्तर से कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं.
