शहर में खुलेगा हिंदी प्रतियोगी पुस्तकालय

हिंदी माध्यम स्टूडेंट्सों की उच्च शिक्षा शहर में उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभानेवाले राज्य सरकार के मंत्री मलय घटक ने नयी घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए शीघ्र प्रतियोगी पुस्तकालय की स्थापना होगी. ताकि हिंदी भाषी प्रतियोगी भी इनमें सफलता हासिल कर सकें. आसनसोल. श्रम सह विधि व न्याय मंत्री […]

हिंदी माध्यम स्टूडेंट्सों की उच्च शिक्षा शहर में उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभानेवाले राज्य सरकार के मंत्री मलय घटक ने नयी घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए शीघ्र प्रतियोगी पुस्तकालय की स्थापना होगी. ताकि हिंदी भाषी प्रतियोगी भी इनमें सफलता हासिल कर सकें.
आसनसोल. श्रम सह विधि व न्याय मंत्री मलय घटक ने कहा कि हिंदी माध्यम के स्टूडेंट्सों को विभिन्न सरकारी नौकरियों में नियोजन के लिए तैयारी हेतु असनसोल श्हर में श्ीघ्र ही प्रतियोगी पुस्तकालय की
स्थापना की जायेगी. इसके लिए आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकार (अड्डा) से जमीन का आवंटन कराया जायेगा तथा पुस्तकों के लिए इसीएल से सीएसआर योजना के तहत आर्थिक सहायता ली जायेगी.
वे गुरुवार को स्थानीय रवींद्र भवन में आसनसोल हिंदी जन कल्याण मंच की ओर से मेधावी स्टूडेंट्सों के लिए आयोजित विद्याभूषण सम्मा न समारोह को संबोधित कर रहे थे. मौके पर उपस्थित इसीएल के कार्मिक निदेशक के एस पात्र ने भवन उपलब्ध होते ही पुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. समारोह में आसनसोल नॉर्थ विधानसभा व आसनसोल साउथ विधानसभा क्षेत्र के 32 स्कूलों के दो सौ से अधिक मेधावी छात्रों उनके प्रधानाध्यापकों, निबंधित पुस्तकालयों, अखाड़ों व क्लबों को सम्मानित किया गया. मंत्री श्री घटक ने कहा कि राज्य में हिंदीभाषी जनता की समस्याओं को उठानेवाला कोई संगठन नहीं था. वाममोर्चा के 34 वर्षो के शासनकाल म ें हिंदीभाषी शिक्षा व विकास से वंचित रहे. हिंदी माध्यम में स्नातक की शिक्षा के लिए छात्रों को पलायन करना पड़ता था.
लेकिन वर्ष 2011 में सत्ता परिवर्त्तन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबके हितों को प्रमुखता दी. उन्होंने कहा कि बीबी कॉलेज में हिंदी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू हुयी. हिंदी माध्यम के विभिन्न स्तरों के 50 से अधिक स्कूलों का अपग्रेडेशन किया गया. काजी नजरूल विश्वविद्यालय खुलने पर हिंदी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की व्यवस्था हुयी तथा बीबी कॉलेज कैंपस में ही वर्ष 2015 से हिंदी माध्यम कॉलेज की स्थापना की गयी. उसके भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. अगले वर्ष तक उसका अपना भवन होगा. उन्होंने कहा कि हिंदी माध्यम के उच्च माध्यमिक परीक्षार्थियों को हिंदी में प्रश्न पत्र मिले, इसके लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं. सरकारी प्रक्रिया शुरू हो गयी है तथा संभवत: अगली वार्षिक परीक्षा में हिंदी में प्रश्न पत्र मिलने लगेंगे.
उन्होंने कहा कि हिंदीभाषी छात्रों के लिए प्रतियोगी पुस्तकालय की आवश्यकता है. इससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सफलता हासिल कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि अड्डा के स्तर से जमीन लेकर भवन बनाया जायेगा. उसमें प्रतियोगी पुस्तकालय सहित ऑडिटोरियम व अन्य सुविधाएं होगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण बड़े उद्योग बंद हो रहे हैं.
आइएसपी के आधुनिकीकरण के बाद भी कर्मियों की संख्या घटी है तथा अधिकांश कार्य ठेकेदारों से हो रहा है. उन्होंने कहा कि इसीएल में भी कर्मियों की संख्या घट रही है. लेकिन राज्य सरकार लगातार रोजगार सृजन कर रही है. विश्वविद्यालय व आइटी हब की स्थापना से हजारों रोजगार बने हैं. पेप्सी कंपनी ने आसनसोल में कारखाना लगाने का प्रस्ताव दिया है. आनेवाले समय में आसनसोल का काफी विकास होगा. उन्होंने कहा कि हिंदीभाषी जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में मंच को सक्रियता दिखानी होगी.
उनका पूरा सहयोग मंच को मिलता रहेगा.समारोह की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह ने की. मंच पर उपाध्यक्ष एसके पांडेय, उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह, सचिव राजेश सिंह, कोषाध्यक्ष रामनाथ तिवारी, इसीएल के पांडेश्वर क्षेत्र के महाप्रबंधक मोहम्मद युनूल फारुक, आसनसोल गल्र्स कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ केके श्रीवास्तव, बीबी कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ राजेन्द्र शर्मा, यूनियन नेता राकेश कुमार, रकत्तदान आंदोलन के प्रणोता प्रवीर धर आदि उपस्थित थे. संचालन कथाकार सृंजय (संजय मिश्र) ने किया.
समारोह भवन में मेयर परिषद सदस्य (क्रीड़ा व संस्कृति) अभिजीत घटक, तीन नंबर बोरो कमेटी चेयरमैन गुलाम सरवर, पांच नंबर बोरो चेयरमैन अनिमेष दास, नगर निगम स्टैंडिंग चेयरमैन श्रवणी मंडल, पार्षद शिखा घटक, मनोहर भाइ पटेल, पूर्व शिक्षक नवीन चंद्र सिंह, पवन बांके बिहारी, दिनेश प्रसाद गुप्त ‘गर्ग’, पार्षद पति शंकर चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे. सब पेयेछिर आसर (बर्नपुर) का लड़कियों ने आकर्षक व मनभावक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया.
समारोह में दो विधानसभा क्षेत्रों के हिंदी माध्यम के 32 स्कूलों व सीबीएसइ के 10वीं व 12वीं कक्षा के स्कूल टॉपर छात्रों को प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया. साथ ही राज्य सरकार से निबंधित पुस्तकालयों, उखाड़ों व क्लबों के प्रतिनिधियों को भी हिंदी के विकास में मदद के लिए सम्मानित किया गया.

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