दुर्गापुर : सीएसआइआर नव अविष्कारों को बाजार मे निजी कंपनियों के माध्यम से लायेगा. कंपनी ने सोलर आटिफेक्ट कोलकाता के लॉड ब्लूटेक्ट, मेटल डिटेक्टर वीरभूम के दुर्गा सोलर, प्लास्टिक वेस्ट गेसिफीकेश्न प्रोसेस कोलकाता के पी इंडिया कंपनी एमडी के हाथों मे नई तकनीक सौपी. सीएमइआरआई के निदेशक डॉ हरीश हिरानी ने बताया कि सोलर आटिफेक्ट में छाता की तरह सोलर बनाया गया है. इसकी क्षमता एक किलोवाट है. दूसरा मॉडल सूर्य वनस्पति पार्क मे लगाया जा सकता है. इसकी क्षमता पांच किलोवाट है. कीमत ढाई लाख आयेगी.
मेटल डिटेक्टर बनाया गया है. शरीर में टच िकये बगैर चौदह मीटर की दूरी से ही यह पता लगा सकता है िक शरीर में कौन-कौन से सामान है. इसकी कीमत एक लाख रुपये हैं. नयी टेक्नोलॉजी देश भर में इस्तेमाल हो, इसका प्रयास जारी है. बेकार प्लास्टिक का इस्तेमाल बिजली बनाने में होगा. तकनीक की कीमत साढ़े सात लाख रुपये होंगे. वैज्ञानिक डॉ विश्वजीत रूज, डॉ श्याम ज्योति मजूमदार, अजय राय, मुनमुन गुप्ता आदि मौजूद थे.
