पानागढ़ : पानागढ़ बाजार विश्वकर्मा मंदिर स्थित कबाड़ी पट्टी की गोदाम में गुरुवार प्रात: चार बजे लगी भयावह आग की घटना से आसपास के क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गया. आग की भीषण लपटों को पहले तो स्थानीय निवासियों व व्यवसायियों ने पानी डालकर बुझाने की कोशिश की लेकिन गोदाम में मौजूद हजारों टायरों, ट्यूब व वाहनों में आग के फैल जाने के बाद पानागढ़ दमकल को बुलाया गया. दमकल के दो इंजनों से आग काबू में आता न देख दुर्गापुर, रानीगंज, बर्दवान तथा आसपास के क्षेत्र से दमकल इंजन मंगाये गये. पानागढ़ सेनाछावनी समेत अन्य क्षेत्रों से आये करीब नौ दमकल इंजनों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर नियंत्रण पाया. इस दौरान गोदाम में मौजूद लगभग सैकड़ों टायर, ट्यूब कई जिप्सी कार समेत अन्य वाहन व सामान जलकर खाक हो गये.
घटना की खबर मिलने के बाद कांकसा ट्राफिक प्रभारी गौतम दत्त समेत अन्य अधिकारी व पुलिस कर्मी मौका-ए-वारदार पर पहुंच गये. पास ही दो नंबर हाइवे कुछ समय के लिये अवरुद्ध कर देना पड़ा. गोदाम के मालिक व व्यवसायी दीपक मल्ला मौके पर नहीं पहुंंच पाये. एक सप्ताह पहले ही उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई है. नुकसान के संबंध में प्रोपर डिटेल्स नहीं मिल पाया है.
कर्मचारियों ने बताया कि हाल ही में ऑक्सन के माध्यम से करीब पांच सौ टायर का एक लॉट मंगाया गया था. वह पूरी तरह जल गया है. दो रेडी जिप्सी कार समेत अन्य कई वाहनों के टायर, ट्यूब आदि स्क्रैप आग की लपेट में स्वाहा हो गये हैं. आग की लपट गोदाम की पिछली दीवार तक पहुंच गई. लपटें तेजी सहगल तथा दिनेश जयसवाल के घर को भी चपेट में ले लेती लेिकन दमकल कर्मियों तथा घर के सदस्यों द्वारा लगातार पानी का बौछार करने के कारण आग और आगे नहीं फैल सकी. गोदाम में मौजूद समस्त पेड तक जलकर स्वाहा हो गये.
खबर मिलने के बाद मौके पर स्थानीय कांकसा ग्राम पंचायत प्रधान निर्मल कौर, पंचायत सदस्य हरजीत सिंह निक्की, कबाड़ी पट्टी संस्था के अध्यक्ष आरपी सिंह समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता व कार्यकर्ता पहुंचे. दमकल अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सटीक कारण फिलहाल नहीं पता चल पाया है. जांच की जा रही है. सेना छावनी से आये दमकल अधिकारी जीके मित्र ने बताया कि संभवत: शॉट सर्किट के कारण आग लगी है. गोदाम में रबर और केमिकल की वस्तुएं थीं, जिसके कारण ही आग द्रुतगति से फैल गई. आग के दौरान रह-रह कर विस्फोट की आवाज से आसपास के लोग थर्रा उठे. गोदाम की भीषण आग को कंट्रोल करने के लिये आर्मी बेस से तीन, कांकसा से दो, दुर्गापुर से दो, रानीगंज से एक तथा बर्दवान सदर से एक दमकल इंजन को बुलाया गया था. नौ इंजनों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका.
विस्फोट की आवाज से लगा डर
गोदाम में आग के बीच रह-रह कर हो रहे कबाड़ के बीच से विस्फोट की घटना को लेकर आस-पास के घरवाले सहम गये थे. दिनेश जायसवाल के पुत्र ने कहा कि गोदाम की आग हमारे घर तक पहुंच रही थी. इस बीच जबरदस्त विस्फोट भी हो रहा था. छत पर चढ़कर गोदाम की तरफ पानी मारना शुरू िकया ताकि आग हमारे घर तक न पहंुच जाये. स्थानीय कबाड़ी पट्टी के व्यवसाइयों ने इस दिशा में जी जान लगाकर मदद की.
