जिप अध्यक्ष ने चलाया जागरूकता अभियान

पहुंचे आचड़ा पंचायत की आदिवासी बस्ती कुंडल पाड़ा खुले में शौच के दुष्प्रभावों से अवगत कराया ग्रामीणों को रुपनारायणपुर‘मिशन निर्मल बंगला’ के तहत बर्दवान जिला को दिसंबर तक निर्मल जिला बनाने के लिए बुधवार को बर्दवान जिला परिषद के अध्यक्ष देबू टूडू ने सालानपुर प्रखंड का दौरा किया. श्री टूडू प्रखंड के आचड़ा ग्राम पंचायत […]

पहुंचे आचड़ा पंचायत की आदिवासी बस्ती कुंडल पाड़ा
खुले में शौच के दुष्प्रभावों से अवगत कराया ग्रामीणों को
रुपनारायणपुर‘मिशन निर्मल बंगला’ के तहत बर्दवान जिला को दिसंबर तक निर्मल जिला बनाने के लिए बुधवार को बर्दवान जिला परिषद के अध्यक्ष देबू टूडू ने सालानपुर प्रखंड का दौरा किया.
श्री टूडू प्रखंड के आचड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत आदिवासी बस्ती कुंडल पाड़ा में सुबह पहुंंच गये और खुले में शौच के लिये जा रहे या शौच करके लौट रहे लोगों को इसके दुष्प्रभावों से अवगत करा कर उन्हे खुले में शौच न करने की नसीहत दी. महकमा शासक प्रलय राय चौधरी, बीडीओ आकांक्षा भास्कर, सीडीपीओ एसके तिवारी, सालानपुर पंचायत समिति अध्यक्ष श्यामल मजूमदार, आचड़ा ग्राम पंचायत की प्रधान सुचित्र बाउरी, उपप्रधान हरेराम तिवारी, पंचायत सदस्य, आशा और आइसीडीएस कर्मी उपस्थित थी.
बर्दवान के जिला शासक डॉ सौमित्र मोहन ने बर्दवान जिला को दिसंबर तक निर्मल जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी से लेकर जन प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना आरंभ किया है. इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में संसद स्तर पर निगरानी कमेटी बनायी गयी है. कमेटी का कार्य सुबह और शाम को उन लोगों की निगरानी करना है जो खुले में शौच करने जाते है. लोगों को समझा कर उनके इस क्रिया को बंद करवाना कमेटी का लक्ष्य है. इस कमेटी के सदस्यों पर निगरानी और उनके कार्य को प्रोत्साहित करने के लिये जिला शासक से लेकर जिप अध्यक्ष, महकमा शासक, बीडीओ प्रतिदिन किसी न किसी क्षेत्र का दौरा कर रहे है. इसी दौरे के क्रम में अध्यक्ष श्री टूडू ने बुधवार को आचड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत कुंडलपाड़ा गांव का दौरा किया. श्री टूडू खेत में तालाब किनारे गली में चौराहे पर लोगों को रोक कर जागरुक करने का प्रयास किया.
मैथ्यू सैमुअल की याचिका पर सुनवाई पांच को: कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट में नारदा न्यूज के संपादक मैथ्यू सैमुअल की याचिका पर सुनवाई आगामी पांच अगस्त को होगी. कलकत्ता हाइकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर की अदालत में बुधवार को सैमुअल्स की ओर से हलफनामा दाखिल नहीं किया गया.
पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक
पिछले एक माह में जिलाशासक डॉ सौमित्र मोहन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया. शैक्षणिक स्तर पर असंतोष जताया तथा इस दिशा में गंभीरता से पहल करने का संकेत दिया. इसी आलोक में जिला स्तरीय शिक्षा समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय बुधवार को कमेटी की दूसरी बैठक में ली.
आसनसोल : प्राइमरी स्कूलों से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों में पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. न शिक्षक इसका उपयोग करेंगे और न स्टूडेंट्स ही.
इसका उपयोग करते पक ड़े जाने पर दोषी के खिलाफ क ड़ी कार्रवाई की जायेगी. इस आशय का निर्णय जिला शासक डॉ सोमित्र मोहन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिक्षा समिति की बैठक में लिया गया. जिलाशासक डॉ सौमित्र ने कहा कि जिले में बेहतर प्रदर्शन करनेवाले स्कूलों व शिक्षकों को आगामी शिक्षक दिवस पांच सितंबर को सम्मानित किया जायेगा.
बैठक में उपाध्यक्ष जिला प्राइमरी स्कूल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ अचिन्त चक्रवर्ती, संयोजक सर्व शिक्षा मिशन की जिला प्रोजेक्ट ऑफिसर सारद्व्रिता चौधरी, जिला शिक्षा निरीक्षक (माध्यमिक) खगेन्द्रनाथ राय, जिला शिक्षा निरीक्षक (प्राइमरी) , अतिरिक्त जिलाशासक (शिक्षा) रत्नेश्वर राय, जिला परिषद के कर्माध्यक्ष एनएन हाजरा तथा मिड डे मील के प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित थे.
सूत्रों ने बताया कि बैठक में की गयी कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) की समीक्षा की गयी. बैठक में स्कूलों में शैक्षणिक स्तर के बढ़ाने के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गयी. बैठक में निर्णय लिया गया कि पढ़ाई के दौरान शिक्षक या छात्र मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेंगे. इस निर्देश का क ड़ाई से पालन किया जायेगा. उल्लंघन होने पर दोषियों के खिलाफ खास कर शिक्षकों के खिलाफ क ड़ी कार्रवाई की जायेगी. इसके साथ ही सभी स्कूलों में दोपहर के भोजन (मिड डे मील) योजना को लागू करने पर सहमति बनी.
ज्ञान क्षमता बढ़ाने के लिए क्विज जरूरी
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि छात्रों का सामान्य ज्ञान व तार्किक क्षमता विकसित करने की जरूरत है. इस दिशा में क्विज तथा वाद-विवाद का नियमित आयोजन काफी मददगार हो सकता है. सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया कि वे हर कक्षा के छात्रों के लिए प्रति सप्ताह कम से कम आधा घंटा क्विज व वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाये. इनमें अधिक से अधिक छात्रों की भागीदारी जरूरी है.
पुस्तकालयों का हो अधिकतम उपयोग
अधिकारियों ने कहा कि वैसे ही सभी स्कूलों में पुस्तकालय नहीं है. लेकिन जिन स्कूलों में पुस्तकालय हैं, वहां भी उसका उपयोग सही तरीके से नहीं हो रहा है. इसके अधिकतम उपयोग करने की सलाह शिक्षकों व छात्रों को दी गयी.
इसके साथ ही स्कूल के सूचना पट्ट पर छात्रों की उपस्थिति, स्कूल खुलने के समय, शिक्षकों की उपस्थिति आदि के विवरण रोजाना दर्ज करने का निर्देश दिया गया. सनद रहे कि जिलाशासक डॉ सौमित्र के नेतृत्व में शिक्षा अधिकारियों ने जिले के विभ्न्नि इलाकों में स्कूलों का निरीक्षण किया था तथा बड़े पैमाने पर अनियमितता पायी थी. पढ़ाई के समय स्कूल के मुख्य द्वार को बंद रखने का निर्देश जारी किया गया.
स्वच्छता के लिए स्कूल होंगे सम्मानित
अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता पर अधिक ध्या न देने की जरूरत है. मिड डे मील से जुड़े शिक्षकों व स्वयंसेवी महिलाओं को एप्रोन, ग्लोब्स तथा कैंप सभी स्कूलों में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया. ताकि खाना में कोई प्रदूषण न हो सके. इसके साथ ही शिक्षकों व छात्रों को स्कूल परिसर की सफाई के लिए समान रुप से जिम्मेवार होने को कहा गया.
उन्होंने कहा कि जिले के सर्वाधिक पिछड़े 25 स्कूलों का चयन किया जायेगा तथा दो माह बाद उनके प्रदर्शन की समीक्षा की जायेगी. कोशिश होगी कि उनमें लगातार सुधार आये. इसके साथ ही ग्रेडिंग कर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक व स्कूल का चयन किया जायेगा. इसके लिए विशेष कमेटी सव्रे करेगी तथा तथ्य जुटायेगी. श्रेष्ठ शिक्षकों व स्कूलों को शिक्षक दिवस के मौके पर पांच सितंबर को सम्मानित किया जायेगा.

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