हर थाने में क्रिमिनल ट्रेकिंग सिस्टम

योजना. कमीश्नरेट क्षेत्र में अपराध रोकने की लगायी गयी नायाब तकनीक आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीश्नरेट के पांचवें पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यरत लक्ष्मी नारायण मीणा ने अपराध नियंत्रण की दिशा में अपने स्तर से की जा रही पहलकदमियों की जानकारी शेयर की. अपराधियों की गतिविधि से लेकर उनके पुनर्वास तक तथा सिविक पुलिसकर्मियों को […]

योजना. कमीश्नरेट क्षेत्र में अपराध रोकने की लगायी गयी नायाब तकनीक
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीश्नरेट के पांचवें पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यरत लक्ष्मी नारायण मीणा ने अपराध नियंत्रण की दिशा में अपने स्तर से की जा रही पहलकदमियों की जानकारी शेयर की. अपराधियों की गतिविधि से लेकर उनके पुनर्वास तक तथा सिविक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित कर पुलिस पब्लिक संबंध बेहतर करने तक की उनकी योजनाएं जमीन पर उतर गयी है. शीघ्र ही रिजल्ट दिखने लगेंगे.
आसनसोल : पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि कमीश्नरेट इलाके के सक्रिय अपराधियों की नकेल कसने के लिए क्रिमिनल ट्रेकिंग सिस्टम (सीटीएस) के तहत हर अपराधी के लिए विशेष पुलिस अधिकारी की तैनाती की गयी है. जिसकी जिम्मेवारी उसकी तमाम गतिविधियों की मॉनीटरिंग करना है. उसकी आपराधिक गतिविधियों के लिए वह पुलिस अधिकारी सीधे जिम्मेवार होगा. बुधवार को अपने कार्यालय में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता के ‘सेव ड्राइव-सेव लाइफ’अभियान को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कार्य शुरू हो गया है. श्री मीणा ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद ही उन्होंने इस योजना पर कार्य शुरू किया है. हर थाने में अधिक से अधिक दस या 12 सक्रिय अपराधी होते हैं. इनके ना म से थाने में फाइल रहती है.
हर सक्रिय अपराधी के लिए विशेष पुलिस अधिकारी की नियुक्ति कर दी गयी है. उक्त अधिकारी को संबंधित सक्रिय अपराधी की हर गतिविधि की जानकारी रखनी है. उसके पारिवारिक सदस्यों, उसके रिश्तेदारों, उसके सहयोगियों की गतिविधि, उसका आना-जाना, कोर्ट में उसके मामलों की सुनवाई, अन्य क्षेत्रों में उसके खिलाफ लंबित मामले तथा अन्य प्रदेश की पुलिस को उसकी तलाश से संबंधित सारी जानकारी पुलिस अधिकारी को रखनी होगी. उसके द्वारा किये जानेवाले किसी भी अपराध के लिए उक्त अधिकारी दोषी होगा. इससे अपराध में कमी आयेगी तथा सक्रिय अपराधियों को सुधरने का भी मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि अपराधियों को अपराध की मुख्य धारा से अलग कर उन्हें पुनर्वासित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है. शीघ्र ही उसे अंतिम रूप दे दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि कोई भी अपराधी जन्मजात अपराधी नहीं होता है.
सीमावर्त्ती इलाकों में वाच टावर
पुलिस आयुक्त श्री मीणा ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से अपराधियों की सक्रियता समाप्त करने के लिए सीमावर्त्ती क्षेत्रों में वाच टावर लगाने की योजना पर कार्य शुरू किया गया है. इससे अपराधियों के आवागमन पर पूरी नजर रखी जा सकेगी. उन्होंने कहा कि सालानपुर थाना अंतर्गत रुपनारायणपुर चेक पोस्ट, बाराबनी थाना अंतर्गत रूनाकु ़ड़ाघाट तथा कुल्टी थाना अंतर्गत बेगुनिया मोड़ के पास टावर लगाये जा रहे हैं. इसके बाद सीसीटीवी कैमरें भी लगाये जायेंगे. इनके रिजल्ट की समीक्षा के बाद इनकी संख्या बढ़ायी जायेगी. उन्होंने कहा कि इससे अपराधियों की गतिविधियां पूरी तरह से नियंत्रित होने लगेगी तथा सीमापार के अपराधियों को आसानी से दबोचा जा सकेगा. शिनाख्त हो जाने के बाद अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है.
सीमा पर सड़क जाम पर पहल
श्री मीणा ने कहा कि झारखंड सीमा के डुबुडीह में नेशनल हाइवे दो पर लगनेवाला जाम बड़ी समस्या में बदल गया है. इसका मुख्य कारण झारखंड में टैक्स जांच के लिए लगा सेंटर व अवैज्ञानिक तकनीक मुख्य कारण है. जांच में विलंब होने से काफी परेशानी होती है.
इस मुद्दे पर दोनों सीमावर्त्ती क्षेत्रों के पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी व परिवहन अधिकारियों की कई संयुक्त बैठकें हो चुकी है. इस संबंध में काफी पत्रचार भी हो रहा है. इस मामले में निर्णय लेने का अधिकार झारखंड सरकार के पास है. फिर भी इस समस्या से निजात पाने की पहल की जा रही है. आशा है, इससे छुटकारा मिल जायेगा.
नशामुक्ति पर जोर
उन्होंने कहा कि पुलिस कमीश्नरेट के स्तर से नशा मुक्ति केंद्र को भी सक्रिय किया गया है. इस कार्य में ‘आशीर्बाद’ संस्था को लगाया गया है. इसमें 11 सदस्य हैं. लेकिन आनेवाले समय में इनकी संख्या बढ़ायी जायेगी. उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए कैंसर से भी बड़ी बीमारी है. इसके कारण ही कई तरह के अपराध विकसित होते हैं.
‘सेफ ड्राइव-सेव लाइफ’पर जमीनी कार्य
श्री मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुश्री बनर्जी ने ‘सेफ ड्राइव-सेव लाइफ’अभियान शुरू किया है. इसे जमीनी स्तर पर लागू किये जाने की पहल हो गयी है. इसके लिए कानूनी कार्रवाई के साथ ही जागरूकता पर भी अधिक जोर दिया जा रहा है. इसके लिए हर एक किलोमीटर पर इसके लिए मुख्य सड़कों पर फ्लैक्स लगाये जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है.
इसके साथ ही सभी पेट्रोल पंपों में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ के पोस्टर लगाये जा रहे हैं. इस पर नजरदारी के लिए सीसीटीवी लगाये जा रहे हैं. पेट्रोल पंप मालिकों का काफी सहयोग मिल रहा है. सभी थाना क्षेत्रों में बैठकें हो चुकी है. परिवार तक इसका मैसेज पहुंचाने के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पुलिस के स्तर से जागरूकता फैलायी जा रही है. हेलमेट पहन कर बाइक चलाने, तीन सवारी बाइक पर न करने की सलाह दी जा रही है. इसके रिजल्ट दिखने लगे हैं.
वीआइपी हत्याओं में रिजल्ट शीघ्र
पुलिस आयुक्त श्री मीणा ने कहा कि कमीशनरेट इलाके में हो रहे अपराधों को नियंत्रित किया गया है तथा अधिसंख्य मामलों का उद्भेदन भी किया गया है. कई अपराधों में शामिल अपराधियों को दबोचा गया है. कई मामलों का खुलासा शीघ्र होनेवाला है. उन्होंने कहा कि अपराधियों की नकेल कसना तथा निवासियों को भा मुक्त माहौल देना पहली प्राथमिकता है.
इसे बखूबी लागू किया जा रहा है. कमीश्नरेट इलाके में पूर्व के वर्षो में हुए वीआइपी शख्सियतों की हत्याओं से जुड़े मामलों में उन्होंने दावा किया कि चार हत्याकांड़ों में जांच अंतिम स्तर तक पहुंच गयी है. किसी भी समय निर्णायक घड़ी आ सकती है तथा इनमें शामिल अपराधी दबोचे जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि इन चारों हत्याकांड़ों के तार एक दूसरे से जुड़े हैं. इस कारण एक में गिरफ्तारी होते ही अन्य के भी खुलासे हो जायेंगे.
सीपीवीएफ कर्मियों को प्रशिक्षण
पुलिस आयुक्त ने कहा कि कमीश्नरेट इलाके में सक्रिय सभी सिविक पुलिस कर्मियों को नियमित रुप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके लिए पुलिस लाइन में दक्ष अधिकारियों की तीन टीमें गठित की गयी है. ये टीमें विभिन्न थानों में जाकर विशिष्टता के अनुसार सिविक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो थाना के कार्यो से जुड़े हैं, उन्हें अलग तथा जो ट्रॉफिक व्यवस्था से जुड़े हैं, उन्हें इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे इनके कार्य में दक्षता आने के साथ ही आम जनता के साथ इनके संबंधों में भी बदलाव आयेगा. पुलिस- पब्लिक के बीच बेहतर संबंध बनेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >