तालाब भराई करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई
विभिन्न कानूनी पहलुओं व दायित्वों की जानकारी मिली वर्कशॉप में
आसनसोल.आसनसोल नगर निगम के एक्सक्यूटिव हॉल में 106 वार्ड के निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्षमता के विस्तार के लिए शहरी विकास विभाग की पहल पर स्थानीय शासी व शहरी अध्ययन संस्थान (आइएलजीयूएस) ने शनिवार को प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया.
कार्यशाला परिचय और प्रशिक्षण पाठयक्रम के बारे में आइएलजीयूएस के अतिरिक्त निदेशक बीएन कर ने जानकारी दी. उन्होंने पाठयक्रम की संरचना, नगर निगम मामलों के विभाग के सहयोग और उसके समर्थक सांगठनिक विषयों पर जानकारी दी.
नगर निगम के कार्य और शहरी विकास विभाग के मंत्री के निजी सचिव अरूप रतन मुखर्जी ने नगरीय और 74 वें संविधान संशोधन अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी. राज्य शहरी विकास प्राधिकरण के संयुक्त निदेशक एमके रानो ने पश्चिम बंगाल के नगर निगम अधिनियमों बे बारे में विस्तृत जानकारी दी, नियमों के बारे में बताया और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के उद्देश्य की जानकारी दी. महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत करते हुए पार्षदों से संबंधित मामलों में समस्याओं को रखने को कहा. गरीबी निगरानी विशेषज्ञ (सीएमयू) डॉ सुजय मित्र ने वार्ड पार्षदों को प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत सबके लिए आवास, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी गरीबी उन्मूलन योजनाओं की जानकारी दी.
कार्यशाला में तालाब भराई के बढ़ते मामलों के बारे में वर्तमान राज्य सरकार के रवैये और नियमों के बारे में जानकारी दी गयी और बताया गया कि राज्य सरकार इन मामलों को काफी गंभीरता से ले रही है. नगर निगम के किसी भी वार्ड में ऐसा होने पर विरोध के बावजूद अगर तालाब भराई न रुके तो मुख्य मंत्री और पुलिस आयुक्त अधीक्षक को तुरंत जानकारी दें.
यह मत्स्य विभाग का मामला है. इनलेंड फिशरी एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि जिस स्थान पर पांच साल तक पानी जमाव रहता है उस जमीन का रिकॉर्ड चाहे जो भी हो, उसे वाटर बॉडी अधिनियम के तहत माना जायेगा और इन मामलों में इनलेंड फिशरी एक्ट के तहत इन तालाबों की भराई करने वालों के खिलाफ निगम आयुक्त कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं.
कार्यशाला में पार्षदों को अपने वार्ड के निवासियों के प्रति जिम्मेवार रहने का निर्देश दिया गया. पार्षदों को बताया गया कि वे वार्ड में सफाई को लेकर सक्रिय रहें ,जहां तहां टायलेट करने वालों के खिलाफ जुर्माना का नियम बनाया जाये, टायलेट के लिए सूडा (एसयुडीए) ने राशि भेजी है.
जिसके तहत हाउस होल्ड टायलेट के लिए 10,990 रुपये, सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए 65000 रुपये आवंटित हैं, इसके अलावा भीड़ भाड़ वाले इलाकों रेल स्टेशन, शहर बाजार के निकट में पब्लिक टायलेट बना कर शुल्क लगा कर उसका रखरखाव करना होगा.
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में कहा गया कि आसनसोल नगर निगम द्वारा इसका डीपीआर बनाया गया है कुछ काम हुआ है पर अभी भी काफी काम करना बाकी है. इंटिग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर चार चरणों में कार्य करना होगा जिसमें कूड़ा का संग्रहण, ट्रांसपोर्टेशन, डंपिंग और इसके रिसाइक्लिंग पद्धति से लाभ किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि आसनसोल बड़े पैमाने पर दूर तक फैला शहर है यहां प्रतिदिन उत्पादित कूड़े से ऊर्जा बनाकर उससे लाभ किया जा सकता है.
अवसर पर मेयर जितेंद्र तिवारी, उप मेयर तबस्सुम आरा, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, मेयर परिषद सदस्यों में लखन ठाकुर, अभिजीत घटक, दिव्येंदु भगत, अंजना शर्मा, मीर हासिम, श्याम सोरेन सहित अधिकांश वार्ड पार्षद उपस्थित थे.
