जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के जयकारे से गूंजा कोयलांचल

श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचा सारथी बनकर दुर्गापुर में रथ मेला का उद्घाटन दुर्गापुर : जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के जयकारे से बुधवार को शिल्पांचल गुंजायमान हो उठा. जयकारे के साथ दुर्गापुर के विभिन्न इलाकों में पारंपरिक तरीके से गाजे-बाजे के साथ रथयात्रा िनकाली गई. मौके पर दुर्गापुर इस्पात नगरी के राजेन्द्र प्रसाद […]

श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचा सारथी बनकर
दुर्गापुर में रथ मेला का उद्घाटन
दुर्गापुर : जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के जयकारे से बुधवार को शिल्पांचल गुंजायमान हो उठा. जयकारे के साथ दुर्गापुर के विभिन्न इलाकों में पारंपरिक तरीके से गाजे-बाजे के साथ रथयात्रा िनकाली गई. मौके पर दुर्गापुर इस्पात नगरी के राजेन्द्र प्रसाद रोड स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर भारी तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी.
पीतल का लगभग तीन फीट ऊंचा रथ भव्य तरीके से सजाया गया था. छोटे-बड़े व बुजुर्ग सभी भक्तों ने सारथी बन भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के रथ को खींच कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. सर्योदय के पूर्व पुरोहित ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर उनका अभिराम श्रृंगार कर उनके विग्रहों को रथ में सजाकर शाम को रथ यात्रा का उद्घाटन किया गया. रथ यात्रा में लोगों की उमड़ने वाली भीड के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे. रथयात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर भारी भीड़ के बीच एलआइसी मोड होते हुए चित्रालय, गोलंबर के रास्ते राजीव गांधी मेमोरियल मैदान पहुंची. इस मैदान में रथ यात्रा के उपलक्ष्य में विशाल मेले का आयोजन किया गया है. रथयात्रा उत्सव व समाज कल्याण समिति की ओर से आयोजित यह मेला 50 हजार वर्गफुट में लगाया गया है. आधे जगह पर केवल टेक्सटाइल मेला लगा है. बाकी जगह पर खाने-पीने, सजावट, शृंगार, खिलौने व घरेलू उपयोग की सामिग्रयों की दुकानों के अलावा मनोरंजन के लिए बिजली से संचालित विभिन्न तरह के अत्याधुनिक झूले, मौत का कुआं, फ्रॉग जम्पिंग, ड्रैगन ट्रेन, टोरा टोरा, राफ्टिंग कोस्टर व कई अन्य साधनों को लगाया गया है.
सी जोन स्थित इस्कान मंदिर ने भव्य रथयात्रा निकाली. हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.
श्रद्धालु रथ को खींचते हुये सिटी सेंटर स्थित चतुरंग मैदान ले गये. इस वर्ष से यहां रथपूजा महोत्सवकी शुरुआत की गई है. मामड़ा बाजार स्थित जगन्नाथ मंिदर में भी रथयात्रा निकाली गई. ढोल बाजे के साथ हजारों लोगों ने इसमें भाग लिया. यह रथ महोत्सव छह जुलाई से 14 जुलाई तक चलेगा. दूसरी ओर, शहर के बेनाचिति के जलखवा गली, प्रान्तिका सहित कई इलाकों में बड़े पैमाने पर रथ यात्रा निकाली गई. छोटे बच्चों में भी रथ यात्रा उत्सव को लेकर काफी उत्साह देखा गया. बच्चे लकडी से बने छोटे-छोटे रथों को सजाकर इलाके के विभिन्न गलियों व सड़कों पर िनकले थे.
बांकुड़ा में भी रथ पूजा की धूम
बांकुड़ा. िजले में रथपूजा की धूम है. यहां पोद्दार पाड़ा का छोटा और नूतनगंज का बड़ा रथ ऐतिहािसक है. इसे खींचने और रथयात्रा में शामिल होने के िलये भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे. वे श्रद्धा और उत्साह के साथ रथ को खींचकर गंतव्य तक ले गये. दूसरी ओर, बांकुड़ा जिला पुलिस तथा पात्रशायर पुलिस के तत्वावधान में जन जागरुकता रथयात्रा िनकाली गई.
सामाजिक मुद्दों एवं गतिविधियों को सामने लाना इसका मुख्य मकसद था. सुबह पात्रशायर थाना प्रांगण से जन सचेतनता रथयात्रा शुरू हई. इसमें पुिलस कर्मियों के अलावा सैकड़ों स्थानीय निवासी भी शामिल हुये. पात्रशायर थाना पुलिस ने बताया िक सामाजिक मुददों जैसे स्त्रियों पर अत्याचार, बाल बिवाह, नशा आिद को शामिल िकया गया था. इससे लोगों को जागरुक िकया गया. साथ ही अपराधमूलक कार्य के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाई गई है.
सियारसोल में निकली राज परिवार रथयात्रा
रानीगंज. रानीगंज के सियारसोल राज परिवार की एेतिहासिक रथ पूजा धूमधाम से की गई. परंपरा के अनुसार राजपरिवार सदस्य विदुलनाथ मालिया ने सर्वप्रथम रथ खींचा. उसके बाद हजारों की संख्या में भक्त रथ खींचकर नये राजबाड़ी से पुराने राजबाड़ी तक ले गये.
पीतल के बने रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान थे. उनके साथ राज परिवार के कुल देवता दामोदर चंद्र जी की प्रतिमा भी मौजूद थी. पुरोहित ने इनकी पूजा-अर्चना की. मौके पर आठ दिवसीय मेला लगा है. मौके पर रानीगंज बोरो चेयरमैन संगीता सारडा, मेयर परिषद सदस्य(स्वास्थ्य) दिव्येंदू भगत, पार्षद सीमा सिंह, कंचन तिवारी, शिवकुमार सारडा, एसएससीए के सागर मुखर्जी आदि प्रमुख उपस्थित थे.
आद्रा में श्रद्धा से खींचा रथ
आद्रा. पुरुलिया जिले के कई इलाकों में बुधवार को हर्षोल्लास के साथ रथयात्रा निकाली गई. हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की पूजा-अर्चना की एवं श्रद्धा के साथ रथ खींचा. तांबे के बने प्राचीन रथ ने शहर की परिक्रमा की. आद्रा शहर में 40 वर्ष पुराने अग्रदूत रथ को स्थानीय महिलाओं ने परिचालित किया. काशीपुर, मानबाजार, जयपुर में भी रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुये. िकसी भी प्रकार की गड़बड़ी को देखते हुए सभी स्थानों पर पुलिस बल को तैनात किया गया था.

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