कुलपति की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक संपन्न
वार्षिक के बजाय सेमेस्टर के आदार पर पढ़ाई, परीक्षा
आसनसोल : काजी नजरुल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हाल में कुलपति डॉ साधन कुमार चक्रवर्ती की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कॉलेजों में सीबीसीएस (चुनाव आधारित क्रेडिट प्रणाली) पद्धति पर पठन पाठन को लेकर बैठक की गयी. निबंधक डॉ सुकांत घोष , बीबी कॉलेज के प्रोफेसर संजय मंडल, कॉलेज निरीक्षक जयंत चक्रवर्ती तथा एनआइटी(दुर्गापुर) के प्रतिनिधि आदि शामिल थे. कुलपति डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ सभी 25 कॉलेजों में अब से नयी सीबीसीएस पद्धति से पठन पाठन आरंभ किया जायेगा. इससे स्टूडेंट्स को अपना पाठयक्रम पूरा करने में काफी आसानी होगी.
उन्होंने बताया कि अब तक सालाना परीक्षा होती थी, परंतु अब सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई होगी. जिसमें छह महीने के अंतराल पर परीक्षा ली जायेगी. इस पाठयक्रम की दूसरी विशेषता स्टूडेंट्स के लिए पसंद के विषय चुनने की स्वतंत्रता है. अगर आर्ट्स का कोई स्टूडेंट्स कैरियर और नौकरी की दूरगामी संभावनाओं को देखते हुए अपनी सुविधा के उद्देश्य से कॉमर्स के एकाउंटस विषय की पढ़ाई करना चाहता है तो वह इसे ले सकता है.
विज्ञान का स्टूडेंट्स रुचि के अनुसार या नौकरी की संभावना को लेकर अगर फिलोसफी विषय की पढ़ाई करना चाहता है, तो वह कर सकता है. स्टूडेंट्सों का विषय चुनने की आजादी कॉलेज में अध्यापकों की उपलब्ध्ता और इंफ्रास्ट्रकचर पर भी निर्भर करेगा. यह जरूरी होगा कि उस विषय के अध्यापक उस कॉलेज में उपलब्ध हों. उन्होंने कहा कि पहले परीक्षा में डिवीजन, क्लास दिया जाता था. अब क्रेडिट पद्धति से परीक्षा परिणाम घोषित किये जायेंगे.
इससे विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने में स्टूडेंट्स को सुविधा होगी. क्योंकि वहां क्रेडिट पद्धति से परीक्षा परिणाम घोषित किये जाते हैं. वहां क्लास, डिवीजन नहीं दिया जाता. छह-छह माह पर परीक्षा होने से समयानुसार परीक्षा परिणाम निकाले जाने में कॉलेज प्रबंधन को भी आसानी होगी और स्टूडेंट्सों पर लोड नहीं होगा. पढ़ाई में आसानी होगी इससे अच्छे परिणाम होंगे.
