कार्यालय के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण, कर्मियों से की पहचान
दिशा निर्देश देने के बजाय सहयोगी अधिकारियों से सुनी उनकी बात
आसनसोल. 1998 बैच के आइपीएस तथा महानिरीक्षक लक्ष्मी नारायण मीना ने बुधवार को आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त का प्रभार ग्रहण किया. उन्होंने निवर्त्तमान पुलिस आयुक्त सिद्धनाथ गुप्ता से चार्ज लिया.
उन्हें कमिश्नरेट कार्यालय के मैदान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. उन्होंने देर शाम तक विभिन्न चरणों में कमिश्नरेट क्षेत्र के सभी एडीसीपी, एसीपी, सीआइ, थाना प्रभारियों के साथ अलग-अलग बैठक की. उन्होंने अपने कार्यालय का निरीक्षण किया तथा सभी कर्मचारियों से परिचय किया. उन्होंने कहा कि समस्याओं के आकलन के लिए वे गुरुवार से विभिन्न थानों का निरीक्षण करेंगे.
पुलिस आयुक्त का पदभार ग्रहण करने के उपरांत श्री मीना ने पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अरविंद दत्ता चौधरी से परिचय प्राप्त किया. इसके बाद कमिश्नरेट के तीन जोन के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त- विश्वजीत महतो, राजेश सिंह और कुमार गौतम के साथ बैठक की. जिसके उपरांत उन्होंने कमिश्नरेट कार्यालय के सभी कक्षों का निरीक्षण किया. कमिश्नरेट के सभी सहायक पुलिस आयुक्त, उसके उपरांत सभी सीआइ और अंत में सभी थाना प्रभारियों के साथ बैठक की. बैठक में उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कोई दिशा निर्देश नहीं दिया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक थी. गुरुवार से सभी थाना का निरीक्षण आरंभ करेंगे. जिसके उपरांत रणनीति तैयार कर उसके आधार पर कार्य होगा.
उन्होंने कहा कि कोलकाता और यहां के माहौल में थोड़ा अंतर है. समझने में कुछदिनों का समय लगेगा. उनकी प्राथमिकता में प्रभावकारी पुलिसिंग, कानून व्यवस्था को मजबूत करना और अपराध पर नियंत्रण करना शामिल है.
प्रारंभिक पढ़ायी बहादूर गांव में
राजस्थान के अलवर जिला अंतर्गत 203 गांवों में से एक बहादूरपुर में 10 जून, 1970 को जन्मे श्री मीना की प्रारंभिक पढ़ायी गांव के स्कूल में ही हुयी. अलवर जिला में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत वर्ष 1998 में पश्चिम बंगाल कैडर से आइपीएस बने. ट्रेनिंग के उपरांत श्री मीना की पहली पोस्टिंग बर्दवान जिला में कालना महकमा के महकमा पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) पद पर हुयी. वहां से दुर्गापुर महकमा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाये गये.
इसी पद पर उनकी पोस्टिंग हावड़ा और अलीपुर द्वार जिले में हुयी. बेहतर कार्य के बदौलत उन्हें पहले वीरभूम जिले का पुलिस अधीक्षक और उसके बाद दक्षिण 24 परगना जिले के पुलिस अधीक्षक बने. उपमहानिरीक्षक पद पर प्रोन्नति मिलने के बाद उनकी पोस्टिंग बर्दवान रेंज के डीआइजी पद पर हुयी. इसके बाद इन्होंने मिदनापुर रेंज के डीआइजी का दायित्व संभाला. महानिरीक्षक पद पर प्रोन्नति मिलने के बाद उनकी पोस्टिंग कोलकाता में विशेष अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रॉफिक) के पद पर हुयी. जिसके उपरांत उन्हें आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट का पुलिस आयुक्त का दायित्व मिला.
अपेक्षाओं पर खरा उतरना चुनौती
एक सितंबर, 2011 को आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट का गठन होने के बाद श्री मीना ने पांचवे पुलिस आयुक्त के रुप में पदभार ग्रहण किया. श्री मीना के समक्ष मुख्य चुनौती राज्य सरकार व आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है.
इससे पूर्व चार पुलिस आयुक्त में दो अजय कुमार नंद और विनित कुमार गोयल ही पुलिस आयुक्त के रुप में दो वर्ष का समय गुजार सके. अजय नंद तीसरे पुलिस आयुक्त के रुप में दुबारा यहां आये लेकिन छह माह में ही उनका तबादला हो गया. चौथे पुलिस आयुक्त के रुप में सिद्धनाथ गुप्ता का तबादला छह माह छह दिन के अंदर हो गया.
