शहर में एक भी खटाऊ शौचालय नहीं : मिर हासिम

आसनसोल : क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के देशव्यापी सर्वे रिपोर्ट में आसनसोल शहर को देश का दूसरा सबसे गंदा शहर का दर्जा दिये जाने के मुद्दे पर मेयर परिषद सदस्य (अल्पसंख्यक उन्नयन) मीर हासिम का दावा है कि शहर में कोई भी खटाऊ शौचालय नहीं है. सव्रे पुराने आंक ड़ों पर आधारित है. श्री हासिम […]

आसनसोल : क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के देशव्यापी सर्वे रिपोर्ट में आसनसोल शहर को देश का दूसरा सबसे गंदा शहर का दर्जा दिये जाने के मुद्दे पर मेयर परिषद सदस्य (अल्पसंख्यक उन्नयन) मीर हासिम का दावा है कि शहर में कोई भी खटाऊ शौचालय नहीं है. सव्रे पुराने आंक ड़ों पर आधारित है. श्री हासिम ने दावा किया कि सव्रे पुराने आंकड़ों पर आधारित हैं. इस समय सर्वे हो तो आंकड़े बदल जायेंगे. नये बोर्ड ने ह्रर क्षेत्र में काफी कार्य किया है.
शहर में सॉलिड वेस्टेज मैनेजमेंट पद्धति के बारे में उन्होंने कहा कि बोर्ड गठन के कुछ ही महीने गुजरे हैं. परिणाम दिखने में समय लगेगा. सॉलिड वेस्टेज मैनेजमेंट सिस्टम पर कार्य चल रहा है. इसके लिए ढांचागत जरूरतों को पूरा करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि शहर में कहीं भी अधिक गंदगी नहीं है. उन्होंने कहा कि शहर के खटाऊं शौचालयों का अस्तित्व समाप्त हो गया है. इस मोर्चे पर बोर्ड ने काफी काम किया है. उन्होंने कहा कि जागरुकता के अभाव में कुछ लोग खुले में शौच करने के आदि हैं.
जल निकासी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इतने बड़े नगर निगम इलाके को साफ रखने के लिए निगम के सभी निवासियों को अपनी सोच बदलनी होगी. इसके लिए सिर्फ नगर निगम प्रशासन को दोषी ठहराने से कार्य नहीं होगा. इस अभियान में सबको समान रुप से योगदान करना होगा तभी यह प्रयास सफल हो सकेगा. उन्होंने कहा कि इस अभियान में वे अपने वार्ड के निवासियों को भी शामिल करने का प्रयास करेंगे. सभी को सफाई के लिए कहेंगे. जहां गंदगी दिखेगी खुद साफ करेंगे. ताकि उन्हें देख अन्य लोग भी उससे जुड़े.
वार्ड 18 में एक से डोर-टू डोर गारबेज कलेक्शन
शहर के 18 नंबर वार्ड के पार्षद अमित तुलस्यान ने कहा कि आगामी एक मार्च से वे अपने पूरे वार्ड में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन का कार्य शुरू करेंगे. इस कार्य में राजीव गांधी शिक्षा मिशन को शामिल करने की योजना है. उन्होंने कहा कि इसके लिए मिशन के स्तर से आठ युवकों को इस कार्य में लगाया जायेगा. वे पूरे वार्ड के हर घर से रोजाना कचड़ा संग्रह करेंगे.
इसके लिए वार्ड के सभी घरों के निवासियों से संपर्क किया जायेगा तथा इसके लिए प्रति घर से 20 रुपये के शुल्क की वसूली की जायेगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई दबाब नहीं डाला जायेगा. हो सकता है कि पहले माह वे भुगतान न करें लेकिन बाद में वे निश्चित तौर पर भुगतान करेंगे. उन्होंने कहा कि ये युवक घर से कचड़ा संग्रह कर नगर निगम के कू ड़ेदान में जमा करेंगे. वहां से निगम के टैक्टर के माध्यम से उनका उठाव कर उन्हें डंपिंग यार्ड में जमा किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए सतत प्रयास किया जायेगा. कचड़ा को नाली में या खुले स्थान पर फेंकने के मना किया जायेगा. इसके लिए सचेतना अभियान भी चलेगा.
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आसनसोल शहर को स्वच्छ भारत सर्वे में प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए शहर के हर नागरिक को सचेत व प्रयत्नशील होना होगा. इसे अपनी पहचान से जोड़ना होगा. इसे अपना प्यार देना होगा, क्योंकि यह हमारे अस्तित्व से जुड़ा है.
देश के सर्वाधिक गंदे शहर की सूची में मिले दूसरे स्थान के धब्बा को मिटाने का संकल्प लेना होगा. सच तो यह है कि इस धब्बा ने सभी सचेत नागरिकों को आहत किया है.
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