आसनसोल : द वेस्ट बंगाल एग्रीकल्चरल प्रोडय़ूस मार्केटिंग (रेगुलेशन) एक्ट, 1972 को कोलकाता छोड़ कर पूरे राज्य में लागू करने के राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ पूरे राज्य में व्यवसायिक संगठन आगामी 13 फरवरी को हड़ताल करेंगे. फेडरेशन ऑफ साउथ बंगाल चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फॉस्बेक्की) के महासचिव सुब्रत दत्त व कार्यकारी अध्यक्ष आरपी खेतान ने बुधवार को कहा कि उस दिन आसनसोल महकमा के सभी व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधि आसनसोल नगर निगम कार्यालय के सामने सामूहिक धरना देंगे.
स्थानीय आसनसोल क्लब परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वरीय उपाध्यक्ष नरेश अग्रवाल, रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार खेतान, मनोज केसरी, नियामतपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के सुभाष अग्रवाल, कोल्डफिल्ड टिम्बर एंड सॉ मिल ऑनर एसोसिएशन के संजय तिवारी, पवन गुटगुटिया सहित विभिन्न व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
महासचिव श्री दत्त ने कहा कि राज्य सरकार ने इस नियम को 43 साल पहले लागू किया था. लेकिन सभी जिलों में यह लागू नहीं था. लेकिन इस समय राज्य सरकार ने सभी जिलों में इसे लागू करने का निर्णय लिया है. इस नियम के लागू होने के बाद निर्धारित फी देकर लाइसेंस लेना होगा.
सभी कृषि उत्पाद की खरीद पर शुल्क का भुगतान करना होगा. यह नियम व्यवसायियों के हितों के प्रतिकूल है. इसके विरोध में राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक सहित संबंधित मंत्रियों को सूचित किया गया है. इसके बाद भी इस दिशा में कोई पहल न होने पर 13 फरवरी को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है. इसमें आसनसोल महकमा के सभी व्यवसायिक संगठन शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि उस दिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान व दुकानें बंद रहेंगी तथा दोपहर 12 बजे आसनसोल नगर निगम कार्यालय के समक्ष धरना दिया जायेगा.
दो हजार से अधिक व्यवसायी शामिल होगे.कार्यकारी अध्यक्ष श्री खेतान ने कहा कि रानीगंज चेंबर ने प्रतिवाद के लिये सोलह सदस्यीय समिति का गठन किया है. जब एक्साड टैक्स, वैैट, जीएसटी आदि लागू ही है. तो इस नये टैक्स की क्या जरूरत है? इसके लागू होने से महंगाई बढ़ेगी. झारखंड, बिहार सहित कई राज्योम में यह टैक्स लागू नहीं है.
