सार्थक पहल. दामोदर नदी के गिरते जल स्तर के प्रति सचेत हुआ नगर निगम प्रशासन
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम इलाके में बढ़ते जल संकट से निजात पाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने दोहरी रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है. मेयर परिषद सदस्य (जलापूत्तिर्) पूूर्णशशि राय ने कहा कि नागरिकों को इसके प्रति सचेत करने के लिए ‘सेव वाटर-सेव लाइफ’ अभियान चलाने के लिए मेयर जितेन्द्र तिवारी से बात की जायेगी तो दूसरी ओर जलापूत्तर्ि से संबंधित विभिन्न विभागों व एजेंसियों के साथ शीघ्र बैठक की जायेगी. मेयर परिषद सदस्य (जलापूत्तिर्) श्री राय ने कहा कि पहली बार दामोदर नदी व बराकर नदी पर स्थित डीवीसी के पंचेत व मैथन डैम में काफी कम पानी रह गया है. इसके कारण दामोदर नदी में पानी की निकासी कम हो रही है.
आसनसोल शहर में विभिन्न जल परियोजनओं के कारण फिलहाल कोई परेशआनी नहीं है, लेकिन कुल्टी, रानीगंज व जामुड़िया में जल संसाधनों की कमी होने के कारण जल समस्या हो रही है. इस स्थिति से निपटने के लिए सभी स्तर पर सामूहिक पहल जरूरी है. उन्होंने कहा कि नागरिकों को जागृत करने के लिए ‘सेव वाटर -सेव लाइव’ अभियान चलाने की जरूरत हैं.
नागरिकों को भी इस स्थिति को समझना होगा तथा पेयजल के उपयोग ्र के प्रति सचेत होना होगा. उन्होंने कहा कि मेयर से बात कर इस मामले में शीघ्र पहल की जायेगी. इसमें स्थानीय पार्षदों, विभिन्न व्यवसायिक व स्वयंसेवी संगठनों को शामिल किया जायेगा तथा उनके सुझाव भी लिये जायेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार के पीएचइडी मंत्री से भी इस संबंध में बात की है तथा उन्होंने नगर निगम प्रशासन को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है.
उन्होंने कहा कि इसके लिए जल संसाधनों से जुड़े विभागों व एजेंसियों से शीघ्र संयुक्त बैठक की जायेगी. वे संबंधित अधिकारियों से सभी विकल्पों पर चर्चा शुरू कर चुके हैं. इसके बाद मेयर की उपस्थिति में रणमीति बना कर राज्य सरकार से मदद ली जायेगी. उन्होंने कहा कि नगर निगम पूरी इच्छा शक्ति से नागरिकों की इस समस्या के समाधान के लिए तत्पर हैं. उन्होंने कहा कि पानी का बल्क उपयोग करनेवाली एजेंसियों से भी इसमें कटौती करने का आग्रह किया जायेगा.
काटे जा रहे अवैध वाटर कनेक्शन
मेयर परिषद सदस्य (जलापूत्तिर्) श्री राय ने कहा कि नगर निगम प्रशासन की आय बढ़ाने के लिए अवैध वाटर कनेक्शन काटने का अभियान चलाया जा रहा है. बोर्ड गठन के बाद किये गये सव्रे में पता चला कि बड़े पैमाने पर अवैध कनेक्शन किये गये हैं. लेकिन इस मद में निगम प्रशासन को कोई शुल्क नहीं मिल रहा है.
इनमें औद्योगिक प्रतिष्ठान, बड़े होटल तथा अपार्टमेंट आदि शामिल थे. निगम प्रशासन ने पहले इन अवैध कनेक्शन करनेवालों को नोटिस जारी की और फिर उनके कनेक्शनों को काटना शुरू किया है. इसके कारण वैध कनेक्शन लेनेवालों की भीड़ बढ़ गयी है. मेयर परिषद के निर्णय के अनुसार जल उपयोग के समय से शुल्क का निर्धारण कर उनके कनेक्शनों को बैध किया जा रहा है. इससे निगम को अच्छी राशि प्राप्त हो रही है. इस राशि का उपयोग जलापूत्तर्ि से जुड़ी योजना मद में किया जायेगा.
