आसनसोल : रेलवे में सौ फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को मंजूरी तथा सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में कर्मचारी विरोधी अनुशंसाओं के खिलाफ सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन ने बुधवार को आसनसोल रेल मंडल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया तथा एक दिवसीय धरना दिया. इसके बाद उनके शिष्टमंडल ने रेल अधिकारियों को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. यूनियन नेताओं ने कहा कि राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत यह कार्यक्रम किया गया. यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुयी तो रेल कर्मचारी बेमियादी हड़ताल करेंगे.
बुधवार को सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक डीआरएम कार्यालय के समक्ष रेलकर्मियों व प्रदर्सन व धरना चला. इसका नेतृत्व केन्द्रीय वित्त सचिव मधुकांत प्रसाद सिंह, संयुक्त महासचिव एमएस मंडल, उपाध्यक्ष सुधीर राय, आसनसोल मंडल की आठ शाखाओं के अध्यक्ष आदि ने किया. केंद्रीय वित्त सचिव श्री सिंह ने कहा कि रेलवे में सौ फीसदी एफडीआइ लागू करने का निर्णय पूरी तरह से जनविरोधी है. इससे रेल कर्मचारियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा. सब कुछ विदेशी कंपनियों के स्तर से लागू होगा. आनेवाले समय में यह राष्ट्रविरोधी निर्णय साबित होगा.
उन्होंने कहा कि नयी पेंशन नीति एवं सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में कर्मचारी विरोधी कई अनुशंसाएं की गयी है. यह कई विरोधाभासों से परिपूर्ण है. इसमें 15वी इंडियन लेबर कांफ्रेस के साथ साथ उच्चतम न्यायालय से अनुमोदित फामरूले का पूर्णत: उल्लंघन किया गया है. वस्तुओ की कीमतों में 25 प्रतिशत के बजाय 15 प्रतिशत नीचे लाया गया है. एचआरए 7.5 प्रतिशत के बजाय तीन फीसदी नीचे लाया गया है. न्यूनतम ा वेतन फामरूला के अनुरूप नहीं बढ़ाकर एक मुश्त 18 हजार रुपये कर दिया गया है. न्यूनतम वेतन आयोग समिति ने वैज्ञानिक गणना के आधार पर 26 हजार रुपये की राशि तय की थी. एमएसीपी के तहत आर्थिक प्रोन्नति में सुधार किया गया है.
तीन वर्षो की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर 18 अंक के स्थान पर 24 अंक प्राप्त करने होंगे. कर्मचारी को यदि कार्यकाल के 20 वर्षो के दौरान पद्दोन्नति या एसीपी नहीं मिलती है, तो उसका वेतन रोक लिया जायेगा. उसको स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिये बाध्य किया जायेगा. ब्याज मुक्त सभी अग्रिम को समाप्त करने की सिफारिश है. चाइल्ड केयर लिव में प्रथम 365 दिन सौ प्रतिशत वेतन एवं शेष 365 दिन 80 प्रतिशत वेतन देने की सिफारिश की गयी है. वाणिज्य क्लर्क, इसीआरसी एवं टिकट चेकिंग विभाग के विलय की बात कही गयी है.
उन्होंने कहा कि एफडीआइ के तहत रेलवे द्वारा एल्सटोम (जर्मनी) तथा जीइ (यूएसए) कम्पनियों के साथ बिजली तथा डीजल लोकोमोटिव के लिए मधेपुरा व मढ़ौरा की उत्पादन इकाइयों को 13 साल के रखरखाव समझौता पर हस्ताक्षर हुये थे.
जिसके तहत 16 ट्रेन सेट के लिये भारतीय रेलवे ने दरवाजा खोल दिया. दिसंबर की बैठक में निर्णय लिया गया कि नयी पेंशन नीति, एफडीआइ, वेतन आयोग की उपरोक्त सिफारिशों में परिवर्त्तन की मांगो को लेकर आंदोलन किया जायेगा. सर्वभारतीय स्तर पर ज्ञापन सौंपा गया है. आगामी माह तक यदि सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी तो मार्च के प्रथम सप्ताह में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी.
