नगर निगम चुनाव पर सर्वदलीय बैठक में हंगामा, विपक्षियों का बायकॉट
21 तक दर्ज होंगी आपत्ति, निष्पादन के बाद 28 को अंतिम रूप
सत्ताशीन तृणमूल को लाभ पहुंचाने का आरोप था विपक्षियों का
आसनसोल. आसनसोल नगर निगम के चुनाव के लिए आरक्षण तालिका को रिलीज करने के मुद्दे पर सोमवार को स्थानीय प्रशासनिक भवन कथा हॉल में हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधियों ने भारी हंगामा किया तथा बैठक का बहिष्कार किया. वार्ड आरक्षण के ड्राफ्ट की कॉपी को फाड़ कर अपना विरोध जताया.
उनका आरोप था कि नगर निगम में कुल्टी, रानीगंज व जामुड़िया नगरपालिका के विलय के बाद वार्डो का पुनर्गठन सत्ताशीन तृणमूल की सुविधा के तहत किया गया है तथा विपक्षी पार्टियों की आपत्तियों को दर किनार कर दिया गया है. प्रशासन ने आरक्षण तालिका सार्वजनिक की तथा इस पर 31 अगस्त तक आपत्तियां दर्ज कराने को कहा. इन आपत्तियों के निष्पादन के बाद अंतिम तालिका 28 अगस्त को जारी की जायेगी. सनद रहे कि राज्य सरकार व राज्य चुनाव आयोग ने मतदान की तिथि तीन अक्तूबर तय कर रखी है.
बैठक में अतिरिक्त जिलाशासक (पंचायत) रत्नेश राय, आसनसोल महकमा शासक अमिताभ दास, तृणमूल कांग्रेस के प्रबोध राय, पूर्णशशि राय, महेश्वर मुखर्जी, कंचन तिवारी, भानू बनर्जी, माकपा के प्रदीप मंडल, तापस कवि, मनोज मुखर्जी, पिंटू गांगुली, सीपीआइ के मानिक मालाकार, आरएसपी के विद्यु चौधरी, पंकज ठाकुर, फाब्ला के भवानी आचार्य, भाजपा के तापस राय, प्रशांत चक्रवर्ती, कांग्रेस के रवि उल इस्लाम, शिव प्रसाद बर्मन, विश्वनाथ यादव, अभिजीत आचार्य आदि मौजूद थे.
बैठक के दौरान तृणमूल को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हंगामा शुरू कर दिया. उनका कहना था कि इसके पहले वार्डो के गठन का प्रारूप तैयार कर उसे सार्वजनिक किया गया था. इसपर सभी राजनीतिक पार्टियों व नागरिकों से आपत्ति मांगी गयी थी. प्रारूप सत्ताशीन तृणमूल को मदद पहुंचाने की नीयत से तैयार किया गया था. इसके बाद भी विपक्षी पार्टियों ने कई आपत्तियां दर्ज करायी.
राज्य चुनाव आयोग के समक्ष भी आपत्ति रखी गयी. लेकिन विपक्षी पार्टियों की आपत्ति सुनी ही नहीं गयी. सत्ताशीन तृणमूल के सुझावों को शामिल कर लिया गया. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के बीच जमकर बहस हुई. इसके पश्चात वामफ्रंट, कांग्रेस तथा भाजपा के प्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए चुनाव आयोग के विरोध में नारेबाजी की. वार्ड आरक्षण के ड्राफ्ट की कॉपी को फाड़ कर अपना विरोध जताया. अधिकारियों ने बैठक जारी रखते हुए नगर निगम के 106 वार्डो के लिए आरक्षण तालिका का प्रारूप जारी किया. उन्होंने कहा कि पहली बार हो रहे चुनाव के कारण आरक्षण तालिका नये ढ़ंग से जारी करना पड़ा है. उन्होंने आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी और कहा कि इसमें पूर्ण पारदर्शिता रखी गयी है. सरकारी नियमानुसार महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है. उनके लिए 106 वार्डो में से 36 वार्ड आरक्षित किये गये हैं.
अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति के लिए आबादी के अनुपात में सीटें आरक्षित की गयी हैं. अनुसूचित जनजाति का आबादी 4.23 फीसदी रहने के कारण चार सीटें तथा अनुसूचित जाति की आबादी 16.62 फीसदी रहने के कारण 18 सीटें आरक्षित की गयी हैं. इस प्ररूप पर आगामी 21 अगस्त तक आपत्ति दर्ज की जा सकेंगी. इसलके बाद इनका निष्पादन होगा.
सीतारामपुर. कुल्टी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष उज्जवल चटर्जी का वार्ड आरक्षण तालिका में सीट सेफ जोन में रहा. नये वार्ड तालिका में उनका वार्ड संख्या 102 है, जो सामान्य श्रेणी में है. पूर्व सीआइसी बादल पुइतंडी 61 नंबर वार्ड सामान्य, पूर्व सीआइसी अनीता साव 60 नंबर सामान्य महिला सेफ है सीआइसी (फूड सप्लाई) मिर हासिम का वर्तमान वार्ड 59 सेफ जोन सामान्य है. पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष बच्चू राय उर्फ पुर्णेदू राय नगरपालिका में सात नंबर वार्ड था. नये परिसीमन में सात नंबर वार्ड को समाप्त कर उसे तीन वार्डो में विभक्त किया गया है. वे जिस मुहल्ले में रहते है, बेरुली राय पाड़ा छह नंबर वार्ड में चला गया जो वर्तमान में 19 नंबर वार्ड सामान्य है. पूर्व सीआइसी अजय प्राप्त सिंह का वार्ड 67 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो रहा है. पूर्व सीआइसी देवेंदू राय का वर्तन वार्ड 64 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो रहा है.
पूर्व सीआइसी (बिल्डिंग प्लान) सुजीत मुखर्जी का वार्ड कई वार्डो में विभक्त हो गया. विपक्षी नेता मधुरकांत शर्मा का वर्तमान वार्ड 68 महिला के लिए आरक्षित हो रहा है. माकपा के पूर्व पार्षद प्रियव्रत सरकार उर्फ मीठू सरकार का वर्तमान वार्ड 99 है जो कि सेफ जोन में सामान्य है. डीवाईएफआइ नेता देव आनंद प्रसाद वर्तमान वार्ड संख्या 18 सेफ जोन सामान्य है. तृणमूल नेता व पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष अख्तर हुसैन का वार्ड 65 इस बार सामान्य है.
