आसनसोल : सारी तैयारियों के बावजूद कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफ) ऑनलाइन नहीं हो सका. अब 15 अगस्त के बाद ऑनलाइन करने के कयास लगाये जा रहे है. 31 जुलाई को कोयला सचिव के द्वारा सीएमपीएफ ऑनलाइन सुविधा का उद्घाटन होना था. सारी तैयारी भी पूरी कर ली गयी थी.
सभी कोल कर्मियों का पीएफ नंबर (पांच नंबर से बढ़ा कर 14 नंबर का कर दिया गया) तक बदल दिया गया. लेकिन सीएमपीएफ ऑनलाइन नहीं हो सका. इस बाबत विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. कुछ अधिकारी संसद का मॉनसून सत्र के कारण कोयला सचिव के व्यस्त रहने को कारण बता रहे हैं.
बताते हैं कि वर्ष 2008-09 में भी सीएमपीएफ को ऑनलाइन करने की तैयारी की गयी थी. इसके लिए कंप्यूटर से लेकर सॉफ्टवेयर तक मंगा लिया गया था. लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया.
ऑनलाइन से क्या होगा फायदा
पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर सीएमपीएफ को ऑनलाइन किया जा रहा है. ऑनलाइन होने के बाद कोयला कर्मचारी घर बैठे ही इंटरनेट के माध्यम से पीएफ खाते की जानकारी ले पायेंगे. उन्हें कार्यालय का चक्कर लगाने से निजात मिलेगी. ज्वाइनिंग की तिथि, सेवानिवृत्त तिथि व नोमिनी का नाम सही है की नहीं जान लेंगे. कोई त्रुटि होने पर उसे ठीक करा सकेंगे. सीएमपीएफ के ऑनलाइन नहीं होने से कोयला अधिकारियों व कर्मचारियों में काफी नाराजगी है.
इसीएल मुख्यालय से लेकर सुदूर कोलियरी स्तर पर कर्मचारियों व अधिकारियों में यह चर्चा का विषय बन गया है. कुछ कर्मचारी तो यह भी कह रहे हैं कि वर्ष 2008 -2009 वाला इस बार भी न हो जाये.
जल्द ही होगा उदघाटन
सीएमपीएफ के संयुक्त आयुक्त यूपी कमल ने कहा कि कोयला मंत्रालय से खबर मिली है कि ऑनलाइन कार्यक्रम को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है. ऐसा क्यों किया गया, इसकी जानकारी नहीं है. जल्द ही ऑनलाइन् ा सुविधा का विधिवत उद्घाटन किया जायेगा.
