आसनसोल : सावन माह इस बार 29 दिनों का होगा, जो 29 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान पांच शनिवार पड़ेंगे. मेदिनी ज्योतिष के अनुसार यह संयोग उत्तर-पूर्वी राज्यों में जनता को कष्ट देने वाला माना जाता है.
इसके अतिरिक्त सिंह राशि में बुध, शुक्र और गुरु के होने से अगस्त के पहले पखवाड़े में उत्तर और पूर्व दिशा के प्रदेशों में भारी बरसात और बाढ़ की आशंका भी बनी रहेगी.
बंगाल की खाड़ी में चक्रवर्ती तूफानों के चलते पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो सकती है. गंगा, यमुना, ब्रrापुत्र, कोसी, गंडक और उनकी सहायक नदियों में बाढ़ से निचले इलाकों में जलप्लावन की स्थिति बनेगी. मंगल के कर्क राशि में आने से संक्रामक रोगों के भी बढ़ने की आशंका रहेगी. आपराधिक मामलों में भारी वृद्धि होगी. देश में घटनाओं के साथ-साथ खेल जगत के लिए भी मंगल का यह गोचर अच्छा नहीं कहा जा सकता है.
सभी प्रकार के अनाज, गन्ना, चना आदि महंगे हो सकते हैं. मंगल का अमंगल प्रभाव 31 जुलाई को मंगल चंद्रमा की राशि कर्क में पहुंच चुका है. इस राशि को ज्योतिषिशास्त्र में जल तत्व की राशि कहा गया है, जबकि मंगल स्वयं अग्नि तत्व का कारक ग्रह हैं और मेष एवं वृश्चिक की राशि का स्वामी है. यानी दो विरोधी स्वभाव वाली और ग्रहों का संयोग होने जा रहा है. मंगल यहां 15 सितंबर तक यानी अगले 45 दिनों तक रहेंगे.
ज्योतिषीय गणना के अनुसार मंगल के जल तत्व की राशि कर्क में आते ही समूचे उत्तर एवं पूर्वोत्तर भारत में जमकर बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे कई प्रदेशों में भयानक बाढ़ की आशंका बनेगी. दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में अब तक हुई बारिश के विषय में भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जून-जुलाई के दो महीनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड को छोड़ देश के सभी भागों में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गयी है.
अब जब मंगल उत्तर और पूर्व दिशा को प्रभावित करने वाली राशि कर्क में गोचर ककर रहे हैं तो इन प्रदेशों में न केवल वर्षा की कमी को पूरा करेंगे बल्कि बाढ़ से जन-धन की हानि भी पहुंचायेंगे.
