आसनसोल : अब साइंस और मैथ में बेहतर प्रदर्शन करनेवाले स्टूडेंट्स को स्कूल लेवल पर ही फेलोशिप दी जायेगी.
इसके लिए आइसीएसइ बोर्ड की ओर से इंजीनियरिंग वाच फेलोशिप के लिए आवेदन निकाले गये हैं. मैथ और साइंस में मजबूत पकड़ रखनेवाले स्टूडेंट्स इसका फॉर्म भर सकते हैं. चाहे वे किसी भी क्लास के स्टूडेंट हों, यदि साल भर साइंस और मैथ में उनका परफॉर्मेस बेहतर रहा, तो उन्हें फेलोशिप दी जायेगी.
इसके तहत सभी स्कूलों को मैथ और साइंस में बेस्ट फाइव स्टूडेंट्स की लिस्ट बोर्ड को उपलब्ध करानी है. यही स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग वाच फेलोशिप-2015 के लिए आवेदन कर सकेंगे.
आइसीएसइ बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों से दसवीं बोर्ड के बेस्ट फाइव स्टूडेंट्स की आंसर कॉपी मांगी गयी है.देश भर के स्कूलों से बेस्ट फाइव आंसर कॉपी मिलने के बाद बोर्ड सभी आंसर कॉपी में से बेस्ट फाइव आंसर कॉपी चुनेगा. इन बेस्ट फाइव आंसर कॉपी को आइसीएसइ बोर्ड के स्कूलों में लागू किया जायेगा. बेस्ट फाइव आंसर कॉपी से सभी स्कूलों में दसवीं बोर्ड देनेवाले स्टूडेंट्स को गाइड किया जायेगा.
इस फेलोशिप के लिए स्टूडेंट्स को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा. इसके लिए बोर्ड ने वेबसाइट पर नॉमिनेशन फॉर्म डाल दिया है.
इसमें स्कूल को नाम के साथ स्कूल का लोगो और जरूरी जानकारी देनी होगी. साथ ही प्रिंसिपल का नाम, इ-मेल आइडी आदि की भी जानकारी मांगी गयी है. प्रिंसिपल को एक ही नॉमिनेशन फार्म में पांचों स्टूडेंट्स की जानकारी देनी होगी.
नॉमिनेशन की वजह भी बतानी होगी. साथ ही स्कूल को पांचों स्टूडेंट्स के लिए एक हजार रुपये (प्रति स्टूडेंट 200 रुपये) की फीस भी देनी होगी. इस फेलोशिप में स्टेट बोर्ड के साथ सीबीएसइ के भी स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं. इस फेलोशिप में हर स्कूल से बच्चे चुने जाते हैं.
फेलोशिप के लिए यह है प्रोसेस
त्न स्कूल के प्रिंसिपल स्टूडेंट का नाम चुन कर वाच फेलोशिप के लिए नॉमिनेट करेंगे. इसके लिए प्रिंसिपल को स्टूडेंट का नाम वेबसाइट पर फीड करना होगा
त्न इसकी एक कॉपी उन सभी स्टूडेंट्स के पास भी भेजी जायेगी, जिनके नाम स्कूल के प्रिंसिपल नॉमिनेट करेंगे
त्न जिस स्टूडेंट्स का नाम नॉमिनेट होगा, उन्हें अपनी पर्सनल प्रोफाइल के साथ एकेडेमिक और नॉन एकेडेमिक जानकारी वेबसाइट पर डालनी होगी
त्न इसके बाद नॉमिनेटेड स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग वाच फेलोशिप के लिए एक क्वेशचनायर फॉर्म ऑनलाइन ही भरना होगा. इसके लिए उन्हें वेबसाइट पर जाना होगा
त्न इसके बाद बोर्ड की ओर से क्वेशचनायर के माध्यम से स्टूडेंट्स के नाम को शॉर्टलिस्ट किया जायेगा.त्न इसके बाद बचे हुए स्टूडेंट्स का इंजीनियरिंग फैकल्टी के सीनियर के पैनल द्वारा इंटरव्यू लिया जायेगा. इस दौरान भी कई सारे स्टूडेंट्स इनमें से छांटे जायेंगे.
