रिटायर कोयलाकर्मियों को तीन माह का समय मिलेगा आवास खाली करने के लिए
नियत समय में खाली न करने पर लगेगी पेनाल्टी, हर माह होगी स्थिति की समीक्षा
कंपनी के कार्मिक निदेशक विनय रंजन ने की क्षेत्रीय स्टेट ऑफिसरों के साथ बैठक
सांकतोड़िया : ईसीएल प्रबंधन ने कंपनी आवासों से अवैध कब्जा हटाने के लिए नये सिरे से अभियान चलाने का निर्णय लिया है. कार्मिक निदेशक विनय रंजन ने सभी एरिया के स्टेट ऑफिसरों के साथ मुख्यालय के सम्मेलन कक्ष में बुधवार को बैठक की. सभी स्टेट ऑफिसर से उनके क्षेत्र के कब्जेदारों की सूची मांगी गई.
मालूम हो कि वर्षों से कंपनी के हजारों आवासों पर अवैध कब्जा हैं. आवास खाली कराने के लिए कई अभियान चलाने पर भी सफलता नहीं मिली. कार्मिक निदेशक श्री रंजन ने कहा कि स्टैंडर्ड आवासों की संख्या 68 हजार हैं. इनमें से 44 हजार आवासों पर अवैध कब्जा है. अवैध कब्जा करनेवाले कंपनी की बिजली और पानी का उपयोग कर रहे हैं. इससे कंपनी को काफी नुकसान हो रहा है. पहले चरण में स्टैंडर्ड आवासों को खाली कराया जायेगा. दूसरे चरण में नन स्टैंडर्ड आवासों को खाली कराया जायेगा. अगर आवास खाली नहीं किये गये तो उस आवास की बिजली पानी सप्लाई का कनेक्शन काट दिया जायेगा.
उन्होंने कहा कि आवास खाली नहीं रहने के कारण कई अधिकारियों को आवास आवंटित नहीं हो पा रहा है. उन्हें गेस्ट हाउस में रखना पड़ रहा है. कई अधिकारी सुख सुविधा नहीं मिलने के कारण कंपनी छोड़कर चले गये. जिससे कंपनी को काफी नुकसान झेलना पड़ा. इसलिए निर्णय लिया गया कि जो कर्मी सेवानिवृत हो चुके हैँ, उन्हें आवास खाली करने का तीन महीने का समय दिया जायेगा. अगर समय रहते हुए आवास खाली नहीं किया गया तो उनसे पेनाल्टी वसूला जाएगा.उल्लेखनीय है कि कॉरपोरेट जेसीसी की बैठक में पेनाल्टी का मुद्दा प्रबंधन ने उठाया था.
इस पर जेसीसी के सदस्यों ने आपति जताई थी कि पूर्व कर्मियों से पेनाल्टी लेन की बात कह रहे हैँ, लेकिन जो वर्षो से आवासों में कब्जा किए हुए हैँ उनसे कैसे पेनाल्टी वसूल करेंगे? श्री रंजन ने कहा कि इस बार जो भी आवास खाली होगा उस आवास को तुरंत किसी अधिकारी के नाम से आवंटित कर दिया जायेगा ताकि कोई कब्जा नहीं कर सके. सभी एरिया का हर महीना सर्वे कराया जायेगा और प्रत्येक माह बैठक कर रिपोर्ट ली जायेगी.
