कराटे शिक्षक को नौकरी से हटाये जाने के खिलाफ प्रदर्शन

स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों व प्रदर्शनकारियों में हुई नोकझोंक शिक्षकों की हड़ताल से स्कूल में पठन-पाठनरहा ठप्प आसनसोल : नारायणा स्कूल प्रबंधन द्वारा कराटे शिक्षक शहबाज हुसैन को नौकरी से हटाये जाने के खिलाफ सोमवार को कुछ शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मियों ने स्कूल परिसर में पेन डाउन कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. स्कूल प्रबंधन […]

स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों व प्रदर्शनकारियों में हुई नोकझोंक

शिक्षकों की हड़ताल से स्कूल में पठन-पाठनरहा ठप्प
आसनसोल : नारायणा स्कूल प्रबंधन द्वारा कराटे शिक्षक शहबाज हुसैन को नौकरी से हटाये जाने के खिलाफ सोमवार को कुछ शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मियों ने स्कूल परिसर में पेन डाउन कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों एवं प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई.
स्कूल प्रबंधन कमेटी ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को खारिज करते हुए नोटिस बोर्ड पर हुसैन को सेवा से हटाये जाने के फैसले का लिखित आदेश चस्पा दिया. इसके बाद पुलिस ने स्कूल की शिकायत पर शिक्षक हुसैन को स्कूल से बाहर जाने का आग्रह किया और वह स्कूल परिसर से चले गये.
कराटे शिक्षक हुसैन का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें बिना किसी कसूर के सेवा से हटा दिया. स्कूल प्रबंधन कोई कारण नहीं बता रहा है. उन्होंने प्रबंधन से हटाये जाने का कारण लिखित में देने की मांग की. आरोप लगाया कि उनके साथ प्रदर्शन में शामिल सहकर्मियों को भी डराया धमकाया जा रहा है.
नारायणा स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य सह दुर्गापुर जोन के सहायक महाप्रबंधक सुरेंद्र नायडू ने कहा कि बार-बार चेतावनी दिये जाने के बावजूद कराटे शिक्षक हुसैन ने अपने बर्ताव में कोई सुधार नहीं किया. वह लगातार स्कूल विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे. उन्होंने हुसैन पर नारायणा स्कूल के नियमों के खिलाफ कार्य करने, स्कूल में यूनियनबाजी को बढ़ावा देने और शैक्षणिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हुसैन के साथ कुछ और शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मियों ने एक संगठन बना लिया है. स्कूल के नियमों की अवहेलना करते पाये जाने या किसी प्रकार की रोक टोक करने पर ये विरोध प्रदर्शन पर उतर जाते हैं.
प्रिंसिपल माहिम फातिम ने कहा कि कुछ शिक्षकों के कारण स्कूल का माहौल खराब हो रहा है. इससे नारायणा स्कूल की साख कलंकित हो रही है. स्कूल में शैक्षणिक माहौल को खराब करने में इन्हीं शिक्षकों का हाथ है. कुछ शिक्षकों के कारण स्कूल के स्टूडेंटस का परीक्षा परिणाम लगातार खराब हो रहा है. स्कूल में चल रहे प्रदर्शन के कारण बहुत से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं. तृणमूल नेता चंकी सिंह, युवा नेता मनोज कुमार यादव ने कहा कि दोनों पक्षों को विवाद का जल्द निबटारा कर लेना चाहिए. शिक्षा के मंदिर स्कूल में विवाद का कोई स्थान नहीं है.

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