रूपनारायणपुर : चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना (चिरेका) में शनिवार रात 10 बजे जनरल स्टोर डिपो (जीएसडी) के स्क्रैप स्टोर यार्ड में पड़े लकड़ी के ढ़ेर में आग लगने से पूरे कारखाने में अफरा तफरी मच गई.
चिरेका के दो, जामताड़ा जिला (झारखंड) से एक और आसनसोल से एक कुल चार अग्निशामक वाहन घटनास्थल पर पहुंचे और तीन घंटे की कड़ी मसक्कत के बाद दमकल विभाग के कर्मियों ने आग पर काबू पाया.
चिरेका वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी मनतार सिंह ने बताया कि आर्थिक नुकसान कुछ नहीं हुआ है. स्क्रैप पड़े पैकिंग के लकड़ियों में आग लगी है. आग लगने की कारण की जांच की जा रही है. रात दस बजे आग लगी. तत्काल चिरेका के दमकल विभाग के कर्मी दो अग्निशामक वाहन के साथ यहां आग बुझाने के कार्य में जुट गए.
आसनसोल और जामताड़ा जिला से एक-एक अग्निशामन वाहन यहां आए और रात दो बजे तक आग पर काबू पाया. कोई भी व्यक्ति इस घटना में घायल नहीं हुआ है. चिरेका के अधिकांश वरीय अधिकारी घटनास्थल पर उपस्थित थे. आसनसोल सदर के महकमा शासक पिनाकी रंजन प्रधान ने चिरेका प्रबंधन से रविवार सुबह बात की और आग से होने वाली नुकसान की जानकारी ली.
शनिवार की रात करीब दस बजे चिरेका में जीएसडी के स्क्रैप स्टोर यार्ड में अचानक आग लग गयी. स्थानीय सूत्रों के अनुसार आग की कोई चिंगारी यहां सूखी घास, पत्तों पर पड़ी होगी, इससे यह आग लग गयी.
शनिवार को 45 डिग्री तापमान होने के कारण कुछ ही पल में यहां से धू-धू करके आग की लपटें निकलने लगी. आग की लपटें देखकर पूरे कारखाना में अफरा तफरी मच गयी. वरीय अधिकारी भी आधे घंटे के अंदर घटनास्थल पर पहुंच गए. चिरेका की दो अग्निशामक वाहन आग को दूसरे इलाके में फैलने से रोकने के कार्य में जुट गई.
चिरेका प्रबंधन ने आसनसोल और जामताड़ा जिला प्रशासन से मदद मांगी. दोनों जगह से एक एक इंजन भेजा गया. चारों इंजनों ने एक साथ काम करते हुए तीन घंटे में आग पर काबू पा लिया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
