आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी के विद्याचर्चा भवन स्थित सभागार में अंग्रेजी विभाग ने मंगलवार को ‘लेखक का मन’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल के मार्केटिंग विभाग के रीडर सह अंग्रेजी के प्रख्यात उपन्यासकार, लेखक कुणाल बसु ने संबोधित किया.
श्री बसु ने देश की मौजूदा परिस्थितियों में राजनीतिज्ञों द्वारा लेखकों के दिमाग को घेरने और लेखकों की कलम पर नियंत्रण करने की कोशिशों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि लेखक अपनी कलम के माध्यम से देश और समाज की ज्वलंत समस्याओं, स्थितियों को उठाता है. कलम पर बाहरी नियंत्रण और दबाव को निंदनीय बताया.
उन्होंने कहा कि सच्चा लेखक स्थितियों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने के बजाय परिस्थितिगत जोखिम लेकर वास्तविकता को पाठकों तक सही रूप में पहुंचाता है. उपन्यासकार की सृजनता की चर्चा करते हुए उन्होंने उन मुद्दों की चर्चा की, जो किसी रचना को जन्म देते हैँ. उन्होंने लेखक के अंतर्मन को सदैव चिंतनशील बने रहने और प्रगतिशील विचारधारा से प्रेरित रहने को बताया.
यात्रा को लेखन का बड़ा स्त्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि उपन्यास बंद और संपूर्ण वातानुकुलित कमरों में जन्म नहीं लेता है. इसके लिए लेखक को घटनाओं के सतह पर उतर कर जमीनी हकीकत से सामना करना पड़ता है. उन्होंने यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलरों से शोध के प्रत्येक मुद्दों पर गहनता से शोध करने का आग्रह किया. दूसरे चरण में छात्र छात्रों के पूछे गये प्रश्नों के जवाब दिये.
पूर्व कुलपति सह अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ सजल कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि यह पहला मौका है जब केएनयू में किसी अंतर्राराष्ट्रीय स्तर के उपन्यासकार को सम्मानित करने का अवसर मिला है.
यूनिवर्सिटी के कला संकाय के डीन सह हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार भारती, अंग्रेजी विभाग के शिक्षक शान्तनू बनर्जी, शोद्यार्थी मनीष प्रसाद, टीडीबी कॉलेज की डॉ श्रावणी बनर्जी, चुरूलिया कॉलेज, आसनसोल गर्ल्स कॉलेज, बीसी कॉलेज आदि के शिक्षक उपस्थित थे.
