आसनसोल : केंद्रीय भारी उद्योग व लोक उपक्रम राज्य मंत्री सह स्थानीय सांसद बाबुल सुप्रिय आसनसोल संसदीय क्षेत्र से आगामी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस इस क्षेत्र में उन्हें चारों तरह से घेरने के लिए हाई रेस मोड में आ गयी है.
जिलाध्यक्ष वी. शिवदासन उर्फ दासू ने शनिवार की रात ही संसदीय क्षेत्र के विधायकों को लेकर सर्किट हाउस में बैठक की. इसमें संसदीय चुनाव की रणनीति तय की गई,. रविवार को ही बाराबनी के विधायक विधान उपाध्याय ने बाराबनी में शांति रैली के नाम पर शक्ति प्रदर्शन किया.
खुली जीप में तीन हजार बाइकों के काफिले के साथ बाराबनी प्रखण्ड ने विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया. जगह जगह रैली का तृणमूल कर्मियों ने स्वागत किया. ‘भाजपा हटाओ, देश बचाओ’ तथा ‘2019- भाजपा फीनिश’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जम कर नारे लगाये गये.
तृणमूल जिलाध्यक्ष श्री दासू ने आसनसोल संसदीय क्षेत्र से सभी तृणमूल विधायकों को लेकर सर्किट हाउस में बैठक की. इसमें मंत्री मलय घटक, तापस बनर्जी, जितेन्द्र तिवारी, विधान उपाध्याय शामिल हुए. विधायक उज्जवल चटर्जी से फोन पर बात की गई. बैठक में आपसी सभी मतभेद को भूल कर तथा शिकवे-गिले को दरकिनार कर लोकसभा चुनाव में जीत की रणनीति पर चर्चा की गयी. 25 फरवरी को तृणमूल कोर कमेटी की कोलकाता में होनेवाली बैठक में आसनसोल संसदीय क्षेत्र से एक स्वर में बात रखने पर निर्णय लिया गया.
कोर कमेटी की बैठक में हुए निर्णय को जमीनी स्तर पर ले जाने को लेकर 27 फरवरी को गोपालमाट में दुर्गापुर महकमास्तरीय तथा उसी दिन आसनसोल के गुजराती भवन में आसनसोल महकमा के पार्टी पदाधिकारियों व जन प्रतिनिधियों की बैठक होगी. इसके बाद उसी रात फिर सभी विधायकों की संयुक्त बैठक होगी तथा अगली रणनीति तय की जायेगी.
तीन हजार से अधिक बाइक की रैली
तृणमूल विधायकों की बैठक के बाद रविवार को बाराबनी प्रखण्ड के पानुड़िया हॉस्पिटल मोड़ से तृणमूल ने शांति बाइक रैली निकाली. विधायक श्री उपाध्याय तथा जिला परिषद सदस्य सह तृणमूल के प्रखण्ड अध्यक्ष असीत सिंह ने खुली जीप में इसका नेतृत्व किया. शांति रैली को शक्ति प्रदर्शन कर घेराबंदी करने के नजरिये से देखा जा रहा है. अब रैली हर इलाके में होगी. इसमें तीन हजार से अधिक बाइकों पर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का फोटो लगा टी-शर्ट पहन कर शामिल हुए. रैली आसनसोल गौरांडी सड़क, जुबली मोड़ से कल्ला मोड़, गिरमिट, मझियाड़ा, दोमुहानी, कॉपिष्टा, जामग्राम होकर कांटापहाड़ी में समाप्त हुयी.
