बांकुड़ा : राज्य महिला आयोग की चेयरमैन लीना गांगुली के नेतृत्व में आयोग की दोदिवसीय टीम ने सोमवार को बांकुड़ा जेल का दौरा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की थाना पुलिस आयोग को कोई सहयोग नहीं करती. न तो कोई तथ्य दिया जाता है और न की गई कार्यवाही की जानकारी दी जाती है. वे अगले सप्ताह पुरूलिया जेल का निरीक्षण करेंगी.
सुश्री गांगुली ने कहा कि जेल के निरीक्षण के दौरान तथ्य सामने आया कि महिलाओं को न तो किसी कार्य से जोड़ा गया है और न किसी गैर सरकारी संगठन से. महिला आयोग ने ‘आमार आईन, आमार अधिकार’ शीर्षक से पुस्तिका प्रकाशित की है. इस पुस्तिका से पढ़ने से महिलाओ में जागरूकता बढ़ेगी. इसमें उनके अधिकार एवं सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी गई है.
उन्होंने जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्ताव रखा कि पारिवारिक कलह एवं बाल विवाह के मामले में विशेष ध्यान दें. महिला कमीशन के माध्यम से जिले के प्रत्येक कॉलेज में पारिवारक कलह के संपर्क में जागरूपता अभियान चलाया जायेगा. उन्होंने कहा कि थाना में किसी मामले में खबर लेने पर कोई जानकारी नहीं दी जाती है.
महिलाएं थाना जाने से डरती है. पत्रकार सह आयोग सदस्य श्रावंती बसु बंदोपाद्याय भी उपस्थित थी. जिलाशासक कार्यालय के माइनॉरिटी भवन में जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों तथा गैर सरकारी संस्थाओं के फ्रतिनिधियों को लेकर बैठक की गई. जिलाशासक डॉ उमाशंकर एस, बांकुड़ा सदर एसडीओ उपस्थित थे.
