सांकतोड़िया : इसीएल मुख्यालय में हिंदी पर कार्यशाला

सांकतोड़िया :कार्मिक निदेशक श्री रंजन ने कहा कि कंपनी में राजभाषा कार्यान्वयन तभी गति पकड़ेगा जब हिंदी के प्रति हृदय से अनुराग महसूस करें. हिंदी सपनों की भाषा है, अपनों की भाषा है. स्वत: हिंदी से जुड़ना चाहिए और राजभाषा कार्यान्वयन को संवैधानिक के साथ-साथ नैतिक जिम्मेवारी भी समझनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कंपनी का […]

सांकतोड़िया :कार्मिक निदेशक श्री रंजन ने कहा कि कंपनी में राजभाषा कार्यान्वयन तभी गति पकड़ेगा जब हिंदी के प्रति हृदय से अनुराग महसूस करें. हिंदी सपनों की भाषा है, अपनों की भाषा है. स्वत: हिंदी से जुड़ना चाहिए और राजभाषा कार्यान्वयन को संवैधानिक के साथ-साथ नैतिक जिम्मेवारी भी समझनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि कंपनी का विकास सभी कर्मियों के योगदान के सकल योग का परिणाम होता है. कार्यशाला के दौरान सहायक प्रबंधक (राजभाषा) जीतन कुमार वर्मा ने सभी क्षेत्रों में चल रही राजभाषा संबंधी गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए उनमें वृद्धि लाने हेतु कुछ सुझाव दिये.
उप महाप्रबंधक (प्रशासन)/ राजभाषा श्री पात्र ने राजभाषा संवर्ग के कर्मियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही राजभाषा संबंधी गतिविधियों में तेजी लाने में अपनी भूमिका निभाये.

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