रानीगंज : स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, 10-10 दिनों तक नहीं बदलती है चादर, स्वस्थ होने के बजाय मरीजों की बढ़ जाती है बीमारी

रानीगंज : बल्लभपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत बेलुनिया स्थित रानीगंज ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र बदहाल है. वर्ष 1987 माकपा के तत्कालीन सांसद हराधन राय की पहल पर इसका निर्माण हुआ था. केंद्र कई बीघा जमीन में फैला है. विशाल बिल्डिंग स्वास्थ्य केंद्र में रहने के बावजूद शायद ही कभी नियमित रूप से सफाई होती है. चारों तरफ […]

रानीगंज : बल्लभपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत बेलुनिया स्थित रानीगंज ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र बदहाल है. वर्ष 1987 माकपा के तत्कालीन सांसद हराधन राय की पहल पर इसका निर्माण हुआ था. केंद्र कई बीघा जमीन में फैला है.
विशाल बिल्डिंग स्वास्थ्य केंद्र में रहने के बावजूद शायद ही कभी नियमित रूप से सफाई होती है. चारों तरफ गंदगी का आलम है. 50 बेड वाले इस अस्पताल में तीन चिकित्सक, तीन नर्स तथा एक स्वीपर से अस्पताल चल रहा है.
इलाजरत रोगियों का कहना है कि एक बार कोई रोगी अगर भर्ती हो जाए तो जब तक वह उसकी छुट्टी नहीं हो जाती है तब तक उसके बेड कवर तक बदले नहीं जाते. कई रोगी तो घर से चादर एवं कंबल लाते हैं.
शौचालयों की इतनी दुर्व्यवस्था है, कि रोगी शौचालय में जाना नहीं चाहते हैं, पर मजबूरन में जाना पड़ता है. नियमित रूप से सफाई न होने के कारण पूरे अस्पताल के बिल्डिंग में चारों तरफ धूल एवं मकड़ी का जाल फैला है.
अस्पताल से जो भोजन मिलता है वह घटिया स्तर का होता है. मछली सिर्फ नाम की मछली होती है.
वार्ड मास्टर प्रद्युत मजूमदार ने कोई टिप्पणी करने से इंकार किया. बल्लभपुर ग्राम पंचायत के प्रधान ममता प्रसाद ने कहा कि उक्त अस्पताल की सफाई समय-समय पर ग्राम पंचायत के सफाई कर्मियों द्वारा की जाती है. स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल की स्थिति है.

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