कोलकाता : चिटफंड घोटालों के हजारों पीड़ितों ने किया प्रदर्शन

कोलकाता : चिटफंड कांड पीड़ितों के रुपये वापस लौटाने समेत कई मांगों को लेकर ऑल बंगाल चिटफंड सफरर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से राजभवन के मेन गेट, नॉर्थ गेट व ईस्ट गेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन गुरुवार को अपराह्न करीब दो बजे शुरू किया गया. राजभवन के मेन गेट के समक्ष चिटफंड […]

कोलकाता : चिटफंड कांड पीड़ितों के रुपये वापस लौटाने समेत कई मांगों को लेकर ऑल बंगाल चिटफंड सफरर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से राजभवन के मेन गेट, नॉर्थ गेट व ईस्ट गेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन गुरुवार को अपराह्न करीब दो बजे शुरू किया गया. राजभवन के मेन गेट के समक्ष चिटफंड कांड मामले को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के रवैये को लेकर नारेबाजी की गयी. इधर महानगर स्थित आरबीआइ मुख्यालय के निकट भी प्रदर्शन किया गया.
प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. इधर, नियम और कानून का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने संगठन के दर्जनों को कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. संगठन के अध्यक्ष रूपम चौधरी ने आरोप लगाया है कि चिटफंड कांड पीड़ितों को मुआवजा दिये जाने को लेकर केंद्र व राज्य सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं.
अभी भी हजारों एजेंट घर छोड़ने को मजबूर हैं. सरकार को ऐसे तमाम एजेंटों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी. आरोप के अनुसार, मुआवजा देने के लिये राज्य सरकार ने जो वायदा किया था, उसे पूरा नहीं किया गया है. कथित तौर पर पहले चरण मेें राज्य सरकार की ओर से करीब 500 करोड़ रुपये पीड़ितों को देने की बात कही गयी थी. मुआवजा देने के लिये कई उत्पादों पर अतिरिक्त कर भी लगाये गये थे. प्रारंभिक चरण में महज 139 करोड़ रुपये ही चिटफंड पीड़ितों को मिल पाये.
उसके बाद मुआवजे की राशि नहीं मिल पायी है. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चिटफंड कांड के पीड़ितों और एजेंटों की मांगें पूरी नहीं होगी तो वे व्यापक आंदोलन को मजबूर होंगे.
मुख्य सचिव को हाइकोर्ट ने किया तलब
कोलकाता : चिटफंड कंपनियों के संबंध में कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने राज्य के मुख्य सचिव को तलब किया है. गुरुवार को हाइकोर्ट में चिटफंड कंपनियों से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश जयमाल्य बागची व न्यायाधीश शेखर बॉबी सराफ ने मुख्य सचिव को हाइकोर्ट में आकर जवाब देने का आदेश दिया.
उल्लेखनीय है कि चिटफंड कंपनियों में निवेश करनेवाले निवेशकों को उनका रुपया लौटाने के लिए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को एक वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया था, जिससे ऑनलाइन लोग अपने दावों को जमा कर सकें. निवेशक पक्ष के वकील सुभाशीष चक्रवर्ती व अरिंदम दास ने बताया कि हाइकोर्ट ने लगभग छह महीने पहले राज्य सरकार को वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक वेबसाइट नहीं बनी है.
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को वह वेबसाइट हाइकोर्ट के न्यायाधीशों को दिखाना था, लेकिन राज्य सरकार वेबसाइट को नहीं दिखा पायी. इसके बाद ही हाइकोर्ट ने मुख्य सचिव को अगले मंगलवार को पेश होने का निर्देश दिया है. उल्लेखनीय है कि हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को न्यायाधीश एसपी तालुकदार के नेतृत्व में बनी कमेटी के समक्ष किस चिटफंड कंपनी की कितनी संपत्ति जब्त हुई है या उनकी कितनी संपत्ति का मूल्यांकन किया गया है, इस संबंध में रिपोर्ट जमा करने काे कहा था, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक कोई रिपोर्ट पेश नहीं की है.
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि सेबी ने एलकेमिस्ट कंपनी के 120 करोड़ रुपये के शेयर जब्त की है, उसे आठ जनवरी तक बिक्री कर राशि तालुकदार कमेटी के समक्ष जमा करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही हाइकोर्ट ने पिनकॉन कंपनी की जितनी संपत्ति जब्त की गयी है, उस रुपये को भी तालुकदार कमेटी के पास जमा करने का निर्देश दिया है.

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