बांकुड़ा और पुरूलिया में लक्ष्मी पूजा की धूम, कलश यात्रा, मेला

बांकुड़ा/आद्रा : शहर के केंदुआडिही सार्वजनिन लक्ष्मी पूजा कमेटी के पंडाल के उद्घाटन के मौके पर परंपरा के मुताबिक 108 महिलाओं को लेकर गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई. महिलाएं द्वारकेश्वर नदी से जल लेकर पहुंची. लक्ष्मी जी की मूर्ति भी संग लेकर आयी. पूजा के अवसर पर पंडाल प्रांगण में आसपास के इलाकों […]

बांकुड़ा/आद्रा : शहर के केंदुआडिही सार्वजनिन लक्ष्मी पूजा कमेटी के पंडाल के उद्घाटन के मौके पर परंपरा के मुताबिक 108 महिलाओं को लेकर गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई. महिलाएं द्वारकेश्वर नदी से जल लेकर पहुंची. लक्ष्मी जी की मूर्ति भी संग लेकर आयी. पूजा के अवसर पर पंडाल प्रांगण में आसपास के इलाकों से दर्शनार्थियों का समागम लगा रहा. इलाके में उत्सव का माहौल था.
कमेटी के सचिव शुभम चक्रवर्ती ने बताया कि पंडाल का उद्घाटन समाजसेवी बापी चक्रवर्ती ने किया. तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिता आयोजित की गयी. कमेटी के कोषाध्यक्ष सुमन लोहार तथा अन्य सदस्यों ने विशेष भूमिका अदा की. शहर के नूतनचटी स्थित रूइदास सोलो आना लक्ष्मी पूजा कमेटी की ओर से 176 वर्ष पुरानी लक्ष्मी पूजा वैद्युतिक सजावट के चलते आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
लक्ष्मी मंदिर में महिलाओं द्वारा की गयी अल्पना से सजावट लोगों को लुभा रही है. कमेटी के कोषाध्यक्ष प्रदीप रूइदास ने कहा कि धूमधाम के साथ लोगों की उपस्थिति में मंगल कलश यात्रा निकाली जाती है. तीन दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है. शनिवार को नर नारायण सेवा का आयोजन किया जायेगा. लक्ष्मण रुईदास कमेटी के कमेटी के सचिव है.
बांकुड़ा के कुचकुचिया स्थित फांसीडांगा, सुकांतपल्ली सार्वजनिन दुर्गोत्सव कमेटी ने 13वीं बार लक्ष्मी पूजा का आयोजन किया है. पूजा के दौरान लोगों में प्रसाद वितरित किया गया. अध्यक्ष दिलीप गोस्वामी, सचिव देवदास दे, सदस्य जगबन्धु बागदी, दीपक पोद्दार, वर्षा बागदी, मनसा बागदी इत्यादि सदस्यों ने पूजा आयोजन में विशेष भूमिका अदा की.
शहर के सुभाष रोड, रासतला मोड़, गोपीनाथपुर, पाटपुर, कालीतला तथा जिले के खातड़ा, विष्णुपुर, सोनामुखी, बरजोड़ा, छातना, दुर्लभपुर, मेजिया, ओंदा, जयपुर, कोतुलपुर इत्यादि जगहों में लक्ष्मी पूजा की धूम देखी गई. देवी लक्ष्मी की आराधना में लोग लीन रहे किन्तु अल्पना देने का काम ना हो, ऐसा हो ही नहीं सकता है. लक्ष्मी पूजा के अवसर पर अल्पना से घरों को सजाने का एक अलग ही महत्व है. घर-घर मे अल्पना देने का रिवाज है. घर एवं पूजा पंडालों में महिलाओ को अल्पना देते देखा गया. साथ ही साथ घर घर मे खिचड़ी भोग बनाने का उत्साह भी लोगों में देखा गया.
पुरूलिया जिले में बुधवार को हर्षोल्लास के साथ लक्ष्मी पूजा की गयी. अधिकांश घरों में माता लक्ष्मी की नये धान, विभिन्न प्रकार के फल व फूल के साथ खिचड़ी भोग से पूजा की गयी. लक्ष्मी पूजा के अवसर पर जिले में कई स्थानों पर मेले भी लगते हैं. पुरूलिया जिले के काशीपुर थाना अंतर्गत इंद्रवील इलाके में लक्ष्मीपूजा के अवसर पर बड़े धूमधाम से इलाके में लक्ष्मी पूजा की जा रही है. भव्य मंडप में देवी की आकर्षक प्रतिमा विराजमान हैं. इसे देखने दूर-दूर से लोग आ रहे हैं.
पूजा कमेटी के सचिव राहुल समादार, अध्यक्ष देवनाथ राय ने बताया कि पिछले 32 वर्षों से युवा वर्ग यहां लक्ष्मीपूजा धूमधाम से कर रहा है. पांच दिनी पूजा को लेकर विशाल मेला भी लगता है. इसे लोग मिलन मेला के नाम से जानते हैं. मेले में जिला ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिला बागोड़ा से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंडप एवं प्रतिमा को देखने आते हैं. मीना बाजार से लेकर हर तरह के मेले की दुकान, झूला एवं कई तरह के मनोरंजन के साधन लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं. इसके साथ-साथ पांचों दिन स्थानीय लोग पूजा मंडप प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करते हैं. बच्चे नाटक का मंचन करते हैं.

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