आसनसोल : विवेकानंद इंस्टीच्यूट में आसनसोल रेल मंडल के राजभाषा विभाग ने काव्यांगन- 2018 का आयोजन किया. डीआरएम सह विवेकानंद इंस्टीच्यूट के अध्यक्ष पीके मिश्रा ने नवीनीकृत तथा सुसज्जित इंस्टीच्यूट का लोकार्पण किया. हॉल पूरी तरह से वातानुकूलित है. बेहतर रोशनी के लिए रिसप्लेंडेंट डिफ्यूजल एलइडी लाइट लगायी गई है,. सुंदर उद्यान बनाया गया है. श्री मिश्रा ने कहा कि इंस्टीच्यूट भविष्य में राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र बन जायेगा.
उन्होंने "एन एडिफिक ऑफ कल्चरल हेरिटेज" पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें इंस्टीच्यूट के इतिहास को प्रस्तुत किया गया है. प्रकाशित करने में मार्गदर्शन देने के लिए उन्होंने केएनयू के प्रोफेसरों तथा प्रमुख व्यक्तियों का सम्मानित किया. जनवरी से जुलाई तक के सभी ‘माह के सितारा’ पुरस्कार विजेताओं से उन्होंने बातचीत की. बीते वित्तीय वर्ष में शानदार प्रदर्शन करने के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की प्रशंसा की.
श्री मिश्रा ने सभी को चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में इस गति को जारी रखने तथा उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करने का आग्रह किया. श्री मिश्रा ने काव्य संध्या – 2018 का उद्घाटन किया तथा इस प्रकार की साहित्यिक और सांस्कृतिक संध्या काव्या संध्या को आयोजित करने के लिए आयोजन समिति की भी सराहना की. अखिलेश द्विवेदी (इलाहाबाद), एसएम खुर्शीद हयात (बिलासपुर), केदार दुबे (बिल्हा), दिलबाग सिंह राज (बिल्हा), गीता विश्वकर्मा (कोरबा), तस्लीम न्याजी (आसनसोल), शाजिया न्याज़ी (आसनसोल), निशात अहमद दीवाना (आसनसोल), पवन बांके बिहारी (आसनसोल ) और शकील अहमद अंसारी (मधुपुर) ने श्रोताओं को अपनी कविताओं से मंत्रमुग्ध किया. वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी सह विवेकानंद इंस्टीच्यूट के उपाध्यक्ष अभिषेक केसरवानी ने स्वागत भाषण दिया.
