आद्रा : मच्छर जनित रोग डेंगू धीरे-धीरे पूरे पुरूलिया शहर में पांव पसार रहा है. स्वास्थ्य विभाग एवं नगरपालिका इसकी रोकथाम के लिये युद्धस्तर पर अभियान चला रहा है. लोगों को जागरुक किया जा रहा है. अब तक 21 लोगों के रक्त में डेंगू के जीवाणु पाये गये हैं. विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी अस्पतालों में इनका इलाज चल रहा है.
शहर के वार्ड नंबर एक, तीन तथा 21 में डेंगू का प्रकोप अधिक है. लोग भयवश घर छोड़कर अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं. जिला स्वास्थ्य अधिकारी अनिल कुमार दत्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय नगरपालिका परिस्थित पर लगातार नजर रख रही है. लोगों के रक्त के नमूने संग्रह कर उसकी जांच की जा रही है. नये सिरे से किसी के रक्त में डेंगू के लक्षण नहीं मिले हैं.
पुरूलिया नगरपालिका अध्यक्ष शमीमदद खान ने बताया कि नगरपालिका की ओर से वार्डों की सफाई नियमित रूप से की जा रही है. चिकित्सकों की टीम घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच के साथ ही डेंगू से बचने के उपाय लोगों को बता रही है. परिस्थिति नियंत्रण में है. लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील गयी है.
बुखार आदि होने पर फौरन नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर रक्त की जांच कराने का अनुरोध किया जा रहा है. मच्छर से बचने के लिये आसपास साफ-सुथरा रखने, तन ढककर घर से बाहर निकलने, सोते समय मच्छरदानी का व्यवहार करने की लोगों को सलाह दी दा रही है. नये सिरे से किसी के रक्त के नमूने में डेंगू नहीं मिलने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है. शहरवासियों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है. स्वास्थ्य विभाग इसकी रोकथाम के लिए ठोस कदम उठा रहा है.
इधर, रविवार को पुरूलिया नागरिक कमेटी ने डेंगू प्रभावित एक, तीन एवं 21 नंबर वार्ड में डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रैली निकाली. मच्छरदानी लेकर घर-घर बैठकर लोगों को डेंगू के लक्षण व उसके बचाव की जानकारी दी गयी. नागरिक मंच के सदस्य चंद्रशेखर हाजरा ने बताया उनके आसपास के इलाकों में नये-नये भवन, व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निर्माण कार्य चल रहा है.
इस कारण बारिश का पानी जमा हो गया है. निकासी व्यवस्था दुरूस्त नहीं होने के कारण कई स्थानों में गंदगी का ढेर जमा हुआ है. लोगों को पानी जमा होने से रोकने, आसपास साफ-सफाई रखने के साथ-साथ मच्छरदानी का व्यवहार करने के बारे में लोगों को सलाह दी जा रही है क्योंकि इन दिनों शहर में कई स्थानों में डेंगू का आतंक है. हमें खुद ही सफाई रखनी होगी. डेंगू प्रतिरोध के लिये हमें आगे आना पड़ेगा. नगरपालिका से इलाकों में जमे जल को निकालने, कचरों की सफाई करने की मांग की गयी है.
