आद्रा : राज्य सरकार की पहल पर पूरे राज्य में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लक्ष्य को लेकर ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत शनिवार से वन महोत्सव शुरू हो गया. पुरूलिया वन विभाग तथा जिलापुलिस के संयुक्त प्रयास से इस रोज पुरूलिया शहर के बेलघुमा पुलिस लाइन के प्रेक्षागृह में उत्सव की शुरूआत मंत्री शांति राम महतो ने दीप प्रज्ज्वलित कर की. मौके पर मंत्री संध्यारानी टुडू, विधायक शक्ति पद महतो, जिला सभापति सृष्टिधर महतो, मुख्य वनपाल दक्षिण-पश्चिम विभाग सौरव चौधरी, जिला सांसद लोकेश प्रसाद राय के अलावा अन्य गणमान्य उपस्थित थे.
मंत्री तथा अन्य मुख्य अतिथियों ने पौधरोपण कर कार्यक्रम को आगे बढाया. सौरव चौधरी ने बताया राज्य के नौ जिलों में ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत वन महोत्सव चल रहा है. इसमें पुरूलिया भी शामिल है. जिलावासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिये जिले के सभी स्थानों में पौधरोपण कार्यक्रम शुरू किया गया है. पुरूलिया शहर में ही स्थानीय स्कूलों की मदद से स्कूलों के परिसर में ही बीजों से पौधा उगाकर आसपास के इलाके में लगभग पांच हजार पौधे लगाये जायेंगे.
आने वाले दिनों में ये वृक्ष का रूप धारण कर लेंगे. ये हमें स्वच्छ वातावरण एवं शीतलता प्रदान करेंगे. कार्य को अंजाम तक पहुंचाने के लिये स्कूली छात्र-छात्राओं को आगे आना होगा. उन्हें लोगों को वृक्षों का महत्व बताते हुये अधिक से अधिक पौधरोपण के लिये प्रेरित करना होगा. कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया.
हम वृक्षों की रक्षा करेंगे, तो वो भी हमारी रक्षा करेंगे
बांकुड़ा : अरण्य सप्ताह के मद्देनजर बांकुड़ा जिला पुलिस ने पुलिस लाइन में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया. मौके पर उपस्थित बांकुड़ा डीएफओ (उत्तर) जेवी भास्कर ने कहा कि अरण्य सप्ताह उपलक्ष्य में वन विभाग ने पूरे राज्य में 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि यदि हम वृक्षों की रक्षा करेंगे तो वृक्ष भी हमारी रक्षा करेंगे.
मौके पर बांकुड़ा के एसपी सुखेंदु हीरा, पूर्व विधायक एवं एग्रो इंडस्ट्रीइज कार्पोरेशन, पश्चिम बंगाल सरकार के शुभाशिष बटव्वल, एएसपी श्यामल सामंत, एएसपी ( ग्रामीण) विशप सरकार एवं अन्य विशिष्ट लोग उपस्थित थे. एसपी सुखेंदू हीरा ने कहा कि पिछले वर्ष तीन हजार से अधिक पौधरोपण किया गया था. इस बार और ज्यादा पौधे लगाये जायेंगे. उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ ही उसकी देखभाल भी बहुत जरूरी है.
