सावन 28 से, 26 अगस्त को रक्षाबंधन

आसनसोल : वर्ष 2018 में ज्येष्ठ मास में अधिमास (अधिक मास) होने के कारण सभी तीज-त्योहार 15 से 19 दिन बाद आयेंगे. ज्येष्ठ में अधिमास 19 साल बाद आया है. इसके पहले वर्ष 1999 में ज्येष्ठ में अधिमास आया था. अगली बार वर्ष 2037 में ज्येष्ठ अधिमास होगा.औसतन करीब तीन साल (32 माह, 16 दिन […]

आसनसोल : वर्ष 2018 में ज्येष्ठ मास में अधिमास (अधिक मास) होने के कारण सभी तीज-त्योहार 15 से 19 दिन बाद आयेंगे. ज्येष्ठ में अधिमास 19 साल बाद आया है. इसके पहले वर्ष 1999 में ज्येष्ठ में अधिमास आया था. अगली बार वर्ष 2037 में ज्येष्ठ अधिमास होगा.औसतन करीब तीन साल (32 माह, 16 दिन और चार घड़ी) के अंतर से अधिमास आता है.
वर्ष 2015 में आषाढ़ अधिमास था. अधिमास में प्रतिष्ठा कर्म, विवाह आदि मंगल कार्य वर्जित होते हैं. व्रत, दान, उपवास पारायण आदि कार्य का पुण्य मिलता है. अधिमास 13 मई से शुरू हुआ और 16 जून तक रहा. सौर मास 365 दिन का होता है. जबकि चंद्रमास 354 दिन का होता है. इस अंतर को पूरा करने के लिए धर्म शास्त्रों में अधिक मास की व्यवस्था की गयी है.
जुलाई के बाद सीधे जनवरी में शादी
हिंदू धर्म में अधिमास का विशेष महत्व है. इस माह में कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं. इस बार मलमास की वजह से 13 मई से शादी विवाह आदि के कार्य बंद थे. 15 जून से शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुरू हुए. 23 जुलाई को देवोत्थान एकादशी व्रत है. जुलाई माह में शादी के लिए पांच दिन शुभ मुहुर्त है. अगस्त से नवंबर तक शादी विवाह के लग्न नहीं है.
दिसंबर में भी कोई खास शादी विवाह मुहुर्त नहीं है. जनवरी में 17 तारीख के बाद एक बार फिर से ळादी-विवाह का मुहुर्त शुरू होगा. मतलब, जुलाई के बाद अब सीधे जनवरी में ही शहनाई की गूंज सुनायी देगी. जुलाई माह में चार, छह, सात, आठ, दस को लग्न है. उसके बाद जनवरी 2019 में नौ, फरवरी में 11 तथा मार्च में पांच शादी-विवाह का मुहुर्त है.

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