गतिरोध. चार माह बाद भी जिला परिषद को नहीं मिला लोकल फंड का बैंक खाता
पश्चिम बर्दवान जिले का गठन सात अप्रैल को हुआ. जिला परिषद का गठन 19 जून को हुआ. बाकायदा कार्यालय खुला और कर्मी भी नियुक्त हुए. जिला परिषद अध्यक्ष व कर्माध्यक्ष भी नियुक्त हुए. लेकिन लोकल बैंक खाता न होने के कारण वे अपने स्तर से योजनाओं को मूर्त्त रूप नहीं दे पा रहे हैं.
आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिला परिषद (जिप) के गठन होने के चार माह बाद भी लोकल फंड का बैंक खाता न खुलने से जिला परिषद के स्तर से कोई भी मूल विकास कार्य नहीं हो रहा है.
जिला परिषद क्षेत्र में विकास कार्य के लिए राज्य वित्त आयोग से सारी राशि इसी खाते में आता है. जिला परिषद अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी के पास योजना रहने के बाद भी वे इसे क्रियान्वित नहीं कर पा रहे हैं. जिला परिषद के कार्यपालक अधिकारी सह डीएम शशांक सेठी ने कहा कि लोकल फंड का खाता खोलने की अनुमति राज्य सरकार से मिलने के बाद ही खाता खोला जा सकता है. पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग को दो बार पत्न और रिमाइंडर भी भेजे गये है. यह स्थिति तब है जब पूरे राज्य में सभी राजनीतिक पार्टियों ने पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है.
क्या होता है लोकल फंड खाता
जिला परिषद या पंचायत समिति का लोकल फंड का बैंक खाता होता है. योजना के आधार पर वित्त आयोग का सरकारी सारा फंड सरकार से इसी खाते में आता है. जिला परिषद या पंचायत समिति के कोषाध्यक्ष फंड को स्कीम के आधार पर ट्रेजरी से लिंक करते है. जिसके उपरांत जिला परिषद या पंचायत समिति इलाके में विकास कार्य के भुगतान के लिए चेक जारी होता है.
उस चेक को ट्रेजरी में भेजा जाता है. ट्रेजरी से उस चेक को मंजूरी मिलने के बाद बिल का भुगतान होता है. पंचायत समिति का दो अलग बैंक खाता विधायक उन्नयन पार्षद और संसद निधि फंड का होता है. इन दो खातों में पंचायत समिति इलाके में विकास कार्य के विधायक और सांसद विकास मद का जो फंड आता है, इन खातों में जमा हो जाता है. इस कार्य के भुगतान के लिए बीडीओ सीधे चेक जारी कर सकते है.
इसमें किसी प्रकार ट्रेजरी की अनुमति नहीं लेनी होती है. उसी प्रकार जिला परिषद का एसआरडी का एक अलग खाता होता है. इसमें वित्त आयोग के फंड को छोड़ कर विकास कार्य के अन्य अनेकों फंड आते है. पश्चिम बर्दवान जिला परिषद के लोकल फंड का बैंक खाता खोलने की अनुमति सरकार से मिलने पर विलंब होने के कारण तत्काल एसआरडी के फंड से इलाके का विकास कार्य किया जा रहा है.
खाता के बिना योजना पर कार्य नहीं
जिला परिषद के पास लोकल बैंक खाता नहीं होने के कारण उसे अपनी योजना को क्रियान्वित करने में काफी परेशानी हो रही है. जरूरी कार्यो के लिए भी फंड नहीं मिल रहा है. कार्यालय के रोजाना के कार्यो के लिए भी अन्य मद से राशि उपलब्ध करानी पड़ रही है.
जिला परिषद अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी ने कहा कि इस संबंध में कार्यपालक अधिकारी सह जिला शासक से कई बार बातचीत हुयी है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि शीघ ही बैंक खाता खोलने के लिए अनुमति मिल जायेगी. जबकि जिलाशासक श्री सेठी ने कहा कि संबंधित विभाग को पूरी स्थिति से अवगत करादिया गया है. बैंक खाता खोलने की अनुमति के लिए दो पत्र लिखे गये हैं. दो बार रिमाइंडर भी भेजे गये हैं. शीघ्र ही अनुमति मिलने की संभावना है.
विकास कार्य जारी: जिला शासक
डीएम श्री सेठी ने कहा कि 19 जून, 2017 को पश्चिम बर्दवान जिला परिषद का गठन होने के बाद जिला परिषद को सुचारू रूप से प्रभावी करने को लेकर सभी प्रकार से प्रयास जारी है.
सबसे बड़ी समस्या जिला विभाजन के उपरांत फंड डिवीजन को लेकर थी. इसमें जिला विभाजन के बाद फंड का बंटवारा करना था. राज्य सरकार ने इसका बंटवारा कर दिया है. जल्द ही लोकल फंड का बैंक खाता खोलने की भी मंजूरी राज्य सरकार से आ जायेगी. जिसे लेकर पिछले सप्ताह नवान्न में हुई बैठक में चर्चा हुई. नया जिला सूचारू रूप से प्रभावी होने में थोड़ी अड़चनें रहती है. जल्द ही सारी अड़चने समाप्त हो जायेगा.
