दुर्गापुर : शहर के नामचीन हिंदी स्कूल भारतीय हिंदी हाईस्कूल का का विवादों से पीछा छुटता नहीं दिख रहा है. अभी स्कूल परिसर के समीप युवकों के दो गुटों के आपसी झड़प का मामला ठंडा भी नहीं हो पाया है कि गुरुवार को स्कूल चलने के दौरान छात्रों के एक समूह का स्कूल के बाहर जाना चर्चा का विषय बन गया है.
बिना किसी अनुमति के छात्रों का इस प्रकार बाहर निकलना स्कूल प्रबंधन की खामियों को उजागर करता है.घटना के सम्बन्ध में बताया जाता है की गुरूवार को स्कूल शुरू होने के कुछ घंटे के दरम्यान छात्रों का एक दल स्कूल के बाहर निकल गया. दल में एकादश के तक़रीबन 50 बच्चे थे. छात्रों के इस प्रकार बाहर चले जाने से स्कूल शिक्षक चिंतित हो गये. शिक्षकों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी. घटना की सूचना पाकर पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे. इतने में बाहर गये छात्र भी स्कूल वापस लौट आये. छात्रों के वापस लौटने से शिक्षकों ने राहत की सांस ली थी.
पुलिस और शिक्षकों द्वारा छात्रों से पूछताछ करने पर छात्रों ने पिछले दिन घटित घटना की शिकायत पुलिस थाने में जाकर करने की बात कही. स्कूल कमेटी के अध्यक्ष कल्याण गुप्ता भी घटना की जानकारी पाकर स्कूल पहुंच गये. उनका कहना है कि छात्र बिना अनुमति के बाहर चल गये थे. फिलहाल सब कुछ सामान्य है.
गौरतलब है कि स्कूल में सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है. तक़रीबन सात महीने से स्कूल बिना किसी नियमित प्रधानाध्यापक के चल रहा है. सरकारी योजनाएं बंद पड़ी हैं. िजनके कंधे पर स्कूल का चार्ज दिया गया है. वे शिक्षक इंचार्ज पद से मुक्त होना चाहते हैं.
इसके लिए उन्होंने स्कूल कमेटी से निवेदन भी किया है. इस कारण स्कूल इन दिनों बिना किसी अभिभावक के चल रहा है.अभिभावकों का कहना है की स्कूल में राजनीति पूरी तरह हावी हो गई है. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पा रही है. प्रशासन को तत्काल स्कूल में एक नियमित प्रधानाध्यापक बहाली करनी चाहिये तथा स्कुल कमेटी को भंग कर नई कमेटी गठित करनी चाहिये. इसमे हिंदीभाषियों को प्राथमिकता दी जाये. घटना से स्कूल के अभिभावक काफी चिंता में है.
