दुर्गापुर के गुरुद्वारा में दिलीप घोष ने टेका मत्था, फिर फिसली जुबान
तृणमूल कांग्रेस है दरिद्रों की पार्टी, जिसने राज्य को बना दिया है दरिद्र
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
दुर्गापुर.
शनिवार को भाजपा नेता व बर्दवान-दुर्गापुर संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी दिलीप घोष यहां सिख समाज के वैशाखी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए और गुरुद्वारा में मत्था टेका. उसके बाद अपने स्वभाव के अनुरूप फिर विवादित बयान दे दिया. संवादाताओं के समक्ष दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल को दरिद्र बना दिया है. उससे यहां की जनता नाउम्मीद हो चुकी है. उत्तर बंगाल की जनसभा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाजपा पर किये गये हमलों पर मेदिनीपुर के सांसद ने पलटवार करते हुए कहा कि जब वही सब कर रही हैं, तो यह रोना-बिलखना क्यों. याद दिलाया कि दीदी ने तो बंगाल की जनता को जीवनभर मुफ्त राशन देने का वादा किया था. उसे निभाया क्या? इसके उलट प्रधानमंत्री ने एक बार कहा था कि लोगों का रोना-बिलखना बंद कर देंगे. उसके बाद आपके ही सांसदों ने दिल्ली जाकर धरना दिया और राशन बंद नहीं करने की गुहार लगायी थी. दिलीप घोष के मुताबिक तृणमूल दरिद्रों का दल है और उसने राज्य को दरिद्र बना दिया है. बांग्ला नववर्ष पोएला बैशाख को पश्चिम बंगाल दिवस के तौर पर मनाने के राज्य सरकार के दावे की भी दिलीप घोष ने खिल्ली उड़ायी.
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