जमीन माफिया ने इनलोगों पर इतना कहर बरपाया कि पूरे परिवार को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है. इनके चार कट्ठा जमीन पर जमीन माफिया की नजर टिक गयी है. सुमती मंडल के पति गाड़ी चालक है. उनके ससुर कार्तिक चंद मंडल ने माटीगाड़ा थाना अंतर्गत पतिराम मौजा के बीटी रणदीप कॉलोनी में करीब 35 कट्ठा जमीन खरीदी थी. पिछले दो वर्षों से सुमती मंडल उस जमीन पर निवास कर रही है.
अचानक भू-माफिया ने उनके घर पर हमला कर दिया और अपनी जमीन में से चार कट्ठा जमीन देने की मांग करने लगे. परिवार के लोग नहीं माने. उसके बाद स्थानीय कुछ लोगों ने उनके घर को आग के हवाले कर दिया. अब यह परिवार दर-दर भटकने पर मजबूर है. गुरूवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुमती मंडल ने बताया कुछ दिन पहले देशबंधुपाड़ा निवासी बापी मंडल ने उनकी जमीन को अपना बताकर विवाद खड़ा किया था. पुलिस ने कार्यवाइ की और यह मामला अदालत में निपट गया. दूध का दूध और पानी का पानी होने के बाद अदालत के निर्देशानुसार पूरी जमीन की चहारदीवारी कर एक कच्चा मकान बनाकर रहने लगे. इसके बाद स्थानीय कुछ भू-माफिया ने परेशान करना शुरू कर दिया. सबसे पहले उनलोगों ने चार कट्ठा जमीन की मांग की. इंकार करने पर उनलोगों ने अत्याचार शुरु कर दिया. राह चलते कटाक्ष करना, बेटे को अकेला पाकर पीटना, जान से मारने की धमकी देना आदि रोज की घटना हो गयी. इसके बाद बदमाशों ने जमीन के आगे का हिस्सा जबरन घेर लिया. उन्होंने आगे कहा कि पास स्थित एक मंदिर और रास्ते के लिये पहले ही जमीन छोड़ दी थी. उसके बाद भी परेशान करने का क्रम जारी रहा. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इसको लेकर माटीगाड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. जमीन पर 144 धारा लागू कराया गया. कुछ दिन बाद पुलिस से आदेश लेकर घर बनाने का काम शुरु करते ही फिर से बदमाशों ने उत्पात शुरु कर दिया. उन्होंने स्थानीय तृणमूल नेता नांटू विश्वास को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पुलिस की मिलीभगत से बदमाशों का हौसला बुलंद है.
श्रीमती सुमती मंडल के मुताबिक पुलिस ने स्वयं नांटू विश्वास के साथ समझौता करने का प्रस्ताव दिया. इस संबंध में पंचायत प्रधान को भी अवगत कराया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. बीते 9 अप्रैल की शाम बदमाशों ने अष्टयाम के लिये 50 हजार रूपये की मांग की. उसी जमीन के अगले हिस्से में पंडाल बनाकर अष्टयामम करने की बात कही. विरोध करने पर बदमाशों ने 10 अप्रैल को घर पर हमला कर दिया. सारा सामान लूट-पाट कर घर को आग के हवाले कर दिया. इस बारे में भी पुलिस प्रशासन और प्रधान को जानकारी दी गयी, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया. न्याय की उम्मीद करते हुए उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है.
