कोलकाता. पोर्ट इलाके के फैन्सी मार्केट के पास से लालबाजार के एंटी राउडी स्क्वाड (एआरएस) की टीम ने गुरुवार दोपहर 56.74 लाख रुपये के दो-दो हजार रुपये के नये जाली नोटों के साथ मनव्वर मोल्ला उर्फ उज्जल (29), शेख एकलास अहमद (28), शेख अबुल कलाम आजाद उर्फ सुजय (35), सैय्यद रहमान (27) और बलाई मंडल […]
कोलकाता. पोर्ट इलाके के फैन्सी मार्केट के पास से लालबाजार के एंटी राउडी स्क्वाड (एआरएस) की टीम ने गुरुवार दोपहर 56.74 लाख रुपये के दो-दो हजार रुपये के नये जाली नोटों के साथ मनव्वर मोल्ला उर्फ उज्जल (29), शेख एकलास अहमद (28), शेख अबुल कलाम आजाद उर्फ सुजय (35), सैय्यद रहमान (27) और बलाई मंडल उर्फ जॉय (23) को गिरफ्तार किया था.
शुक्रवार को सभी आरोपियों को अलीपुर कोर्ट में पेश करने पर लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी को 10 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. आरोपियों के बारे में पुलिस की तरफ से पक्ष रखते हुए सरकारी वकील ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनका पड़ोसी देश के साथ भी जाली नोट लाने को लेकर संबंध है या नहीं, इस बारे में उनसे पूछताछ करने की जरूरत है.
हावड़ा में कहां-कहां वे जाली नोटों का धंधा फैला रहे थे, इस बारे में भी पूछताछ की जरूरत है. इनके साथ इस धंधे में और कौन-कौन शामिल हैं, इसका भी पता लगाने की जरूरत है. लिहाजा सभी आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा जाये. वहीं बचाव पक्ष की तरफ से आरोपियों को झूठे मामले में गिरफ्तार करने का पुलिस पर आरोप लगाया गया. दोनों पक्ष की बातें सुनने के बाद अदालत ने 10 मार्च तक सभी को पुलिस हिरासत में भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर विस्तृत जानकारी लेने की कोशिश कर रही है.
आरोपियों की गिरफ्तारी पर स्थानीय लोगों को नहीं हो रहा विश्वास
हावड़ा. बाउड़िया के रामेश्वरबाटी द्वीपपाड़ा के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है कि पेशे से दरजी सैयद रेहान नकली नोट मामले में गिरफ्तार हुआ है. वह अपनी दादी के साथ यहां छह वर्ष से किराये के घर में रहता था. घर की आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी. छह महीना पहले मकान मालिक की बेटी आसिया के साथ उसकी सगाई तय हुई थी. आसिया ने बताया कि उसकी मां कोलकाता के एक अस्पताल में काम करती हैं. छुट्टी के दिन घर आती हैं. रेहान पहले प्राइवेट नौकरी करता था, लेकिन नौ महीने पहले उसने नौकरी छोड़ दी. इसके बाद घर पर दरजी का काम शुरू किया. वह किसी से मिलता-जुलता नहीं था. सिर्फ अपने काम से मतलब रखता था. घर से भी ज्यादा बाहर नहीं निकलता था. गुरुवार को टेलीविजन पर उसकी गिरफ्तारी की खबर मिली. विश्वास नहीं हो रहा है कि वह ऐसा कर सकता है. उलबेड़िया निवासी एक अन्य आरोपी शेख एकलास के घर ताला बंद है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इकलास संपन्न परिवार से है. वह कैसे जाली नोट मामले में फंस गया, यह समझ में नहीं आ रहा है. डोमजूर के बांकड़ा निवासी तीसरे आरोपी अब्दुल कलाम आजाद सेवानिवृत्त पुलिस कांस्टेबल का बेटा है. उसकी मां रेहाना बेगम का कहना है कि उनका बेटा ऐसा काम कर ही नहीं सकता है. पुलिस ने उसे जबरन गिरफ्तार किया है. अब्दुल बुधवार की रात रोटी खरीदने के लिए घर से निकला था, लेकिन लौट कर नहीं आया. उसका मोबाइल भी स्वीच ऑफ हो गया. गुरुवार सुबह स्थानीय थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी. इसी दिन शाम में पड़ोसियों ने बताया कि कोलकाता पुलिस ने उसे जाली नोट मामले में गिरफ्तार किया है.