असली रुपये को स्कैन कर बनाते थे जाली नोट

कोलकाता. पोर्ट इलाके के खिदिरपुर से दो-दो हजार रुपये के जाली नोट के साथ गिरफ्तार सभी पांचों आरोपी सीमा पार से इन रुपये को नहीं लाये थे. हावड़ा के बाउरिया में ही इन नोटों की छपाई होती थी. प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार पांचों आरोपियों ने यह खुलासा किया है. लालबाजार सूत्रों के मुताबिक तीनों ने […]

कोलकाता. पोर्ट इलाके के खिदिरपुर से दो-दो हजार रुपये के जाली नोट के साथ गिरफ्तार सभी पांचों आरोपी सीमा पार से इन रुपये को नहीं लाये थे. हावड़ा के बाउरिया में ही इन नोटों की छपाई होती थी. प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार पांचों आरोपियों ने यह खुलासा किया है. लालबाजार सूत्रों के मुताबिक तीनों ने बताया कि दो हजार रुपये के असली नोट को स्कैन करने के बाद उस नोट की स्क्रीन प्रिंटिंग कर यह गिरोह जाली नोट बनाया करते थे.

इसके कारण एक ही नंबर के सैकड़ों नोट हुआ करते थे. गुरुवार दोपहर को पांचों की गिरफ्तारी के बाद सभी को हावड़ा के बाउरिया, उलबेरिया, जयपुर व बांकुड़ा के घर में ले जाकर छापामारी की गयी. इस दौरान जहां ये सभी रहते हैं, उनके ठिकानों के अलावा जहां से यह गिरोह अपने धंधे को ऑपरेट करते थे, उन ठिकानों पर भी छापामारी की गयी.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कई अहम कागजात उनके हाथ लगे हैं, लेकिन प्रिंटिंग मशीन का सुराग अब भी नहीं मिल सका है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ हो रही है. जल्द सभी से सख्ती से पूछताछ कर यह भी पता लगा लिया जायेगा कि यह उन्होंने खुद कहीं प्रिंटिंग मशीन लगा रखी थी या किसी प्रिंटिंग प्रेस में नोट छपवाते थे.

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