कोलकाता: बांग्लादेश के आंतकी संगठन जमात उल मुजाहिदिन (जेएमबी) के प्रमुख अनवर हुसैन उर्फ फारुख के लैपटॉप के डिकोड होने से कई राज खुलने की संभावना है. पूरी तरह आधुनिक तकनीकी से लैस इस संगठन की योजना उत्तर 24 परगना व बांग्लादेश से सटे सीमावर्ती इलाकों में आतंक मचाने की थी.
इसके लिए ये आतंकी कोडवर्ड में अपने संदेश प्रेषित करते थे. सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आतंकी से पूछताछ के लिए बांग्लादेश पुलिस भी भारत आ सकती है.
इस संगठन ने अपने सदस्यों का विस्तार करने के लिए अनोखी योजना बनायी थी जिसमें टी शर्ट व जींस का प्रयोग कर अपने को अत्याधुनिक दिखाने की कोशिश शामिल थी. पुलिस को पूछताछ में कई बातों का पता चला है जिसमें इनके नेटवर्क के विस्तार की योजना से लेकर कई स्थानों पर हमले की योजना भी शामिल है. पुलिस को यह भी पता चला है कि फारूख ही जेएमबी प्रमुख सइदुर रहमान का दाहिना हाथ था. बंगाल के अलावा उसने असम में भी अपने संगठन का नेटवर्क तैयार किया था साथ ही संगठन के आर्थिक मामलों की बागडोर भी उसी के हाथ में थी. इसी ने खगड़ागड़ कांड के दो आरोपियों मिजान व सलाउद्दीन का अपहरण कर अपने दल में शामिल किया था. भले ही सीधे तौर पर इस कांड से इसका ताल्लुक नहीं है लेकिन उसकी गिरफ्तारी से देश में इसके नेटवर्क के कई राज खुलने की संभावना है.
