बांग्लादेश उच्चयोग पर हमले की धमकी

मोल्ला की फांसी से बौखलाया तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तानइसलामाबाद/कोलकाता. बांग्लादेश में जमात नेता अब्दुल कादिर मोल्ला की फांसी से बौखलाए प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने इसलामाबाद स्थित बांग्लादेश उच्चयोग पर हमले की धमकी दी है. मोल्ला को फांसी दिये जाने के बाद बांग्लादेश के उच्चयोग के साथ ही उसके राजदूत की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है, फिर भी […]

मोल्ला की फांसी से बौखलाया तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान
इसलामाबाद/कोलकाता. बांग्लादेश में जमात नेता अब्दुल कादिर मोल्ला की फांसी से बौखलाए प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने इसलामाबाद स्थित बांग्लादेश उच्चयोग पर हमले की धमकी दी है. मोल्ला को फांसी दिये जाने के बाद बांग्लादेश के उच्चयोग के साथ ही उसके राजदूत की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है, फिर भी आंतकी हमले का खतरा बना हुआ है. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्रलय को एक रिपोर्ट सौंपी है. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मोल्ला की फांसी से तालिबान ने अपनी नाराजगी जतायी है. प्रतिबंधित आंतकी संगठन बांग्लादेशी दूतावास को निशाना बना सकता है. रिपोर्ट में खतरे को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

बांग्लादेश ने किया संपर्क
बांग्लादेश उच्चयोग इसलामाबाद के बेहद पॉश इलाके में स्थित है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश उच्चयोग की सुरक्षा के लिए व्यापक योजना बनायी गयी है. सुरक्षा बढ़ा भी दी गयी है. बांग्लादेश की सरकार की ओर से भी पाकिस्तान से संपर्क कर तालिबान की धमकी के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी गयी है. उधर, पाकिस्तान ने भी ढाका स्थित अपने उच्चयोग और इसके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी है. बांग्लादेश सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.

उधर, बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के अंजाम तक पहुंचाने से जुड़े लोगों की तालिबानियों ने हिटलिस्ट बना रखी है. इस हिटलिस्ट में शामिल आधा दर्जन लोग बांग्लादेश छोड़ कर कोलकाता में इधर-उधर शरण लिये हुए हैं. इन्हीं में से एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बांग्लादेश उच्चयोग आशंकित है कि पाक समर्थित उग्रपंथी भारत के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश कर सकते हैं. पाकिस्तान तालिबान के समर्थक भारतीय सीमा से बांग्लादेश में दाखिल हो सकते हैं. बांग्लादेश में कट्टरवादियों से खतरे के चलते कई लोगों को देश छोड़ कर भारत में शरण लेनी पड़ी है.

बांग्लादेश में कट्टरपंथियों से खतरा
उधर, बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के अंजाम तक पहुंचाने से जुड़े लोगों की तालिबानियों ने हिटलिस्ट बना रखी है. इस हिटलिस्ट में शामिल आधा दर्जन लोग बांग्लादेश छोड़ कर कोलकाता में इधर-उधर शरण लिये हुए हैं. इन्हीं में से एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बांग्लादेश उच्चयोग आशंकित है कि पाक समर्थित उग्रपंथी भारत के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश कर सकते हैं. पाकिस्तान तालिबान के समर्थक भारतीय सीमा से बांग्लादेश में दाखिल हो सकते हैं. बांग्लादेश में कट्टरवादियों से खतरे के चलते कई लोगों को देश छोड़ कर भारत में शरण लेनी पड़ी है.

मानवता के खिलाफ अपराध के लिए दी गयी फांसी
गौरतलब है कि 12 दिसंबर को बांग्लादेश में मुक्ति संग्राम के दौरान युद्ध अपराधों के लिए जमात-ए-इसलामी नेता अब्दुल कादिर मोल्ला को फांसी दे दी गयी थी.
मोल्ला को मुक्ति संग्राम के दौरान ‘मीरपुर का कसाई’ कहा जाता था. बताया जाता है कि पाकिस्तान से मुक्ति के लिए चलाये गये आंदोलन के दौरान मोल्ला ने नरसंहार और अन्य अपराधों में हिस्सा लिया था. अब मोल्ला को फांसी दे दिये जाने के बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान बौखला गया है. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि वह बदले की कार्रवाई कर सकता है.

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