मेट्रो स्टेशन में बनेगी नोबेल स्मृति दीवार

कोलकाता: कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर को नोबेल पुरस्कार मिलने के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वीडन की सरकार महानगर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. यह कार्यक्रम में आगामी 25 व 26 अक्तूबर को होगा. गौरतलब है कि कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर को साहित्य के क्षेत्र मे नवंबर 1913 में नोबेल पुरस्कार […]

कोलकाता: कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर को नोबेल पुरस्कार मिलने के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वीडन की सरकार महानगर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. यह कार्यक्रम में आगामी 25 व 26 अक्तूबर को होगा.

गौरतलब है कि कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर को साहित्य के क्षेत्र मे नवंबर 1913 में नोबेल पुरस्कार दिया गया था. 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें नाइट की उपाधि दी थी, जिसे जलियांवाला बाग घटना के खिलाफ 1919 में उन्होंने लौटा दिया था. रवींद्रनाथ टैगोर स्टॉकहोम गये थे, जहां 26 मई 1921 को उन्होंने नोबेल पुरस्कार स्वीकृति भाषण दिया था.

इस कार्यक्रम का उदघाटन करने के लिए भारत में स्वीडन के राजदूत हेराल्ड सैंडबर्ग कोलकाता आयेंगे. कार्यक्रम के दौरान स्वीडन के शोधकर्ता द्वारा लिखी गयी किताब ‘टैगोर इन स्वीडन (1921 एंड 1926) का विमोचन भी होगा. किताब में टैगोर द्वारा 1921 व 1926 में किये गये स्वीडन के दो सफर का विस्तार से जिक्र है.

किताब में कविगुरु की नोबेल पुरस्कार स्वीकृति भाषण को भी शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने मानवता की भलाई के लिए पूर्व व पश्चिम की संस्कृति के बारे में कहा था. 25 अक्तूबर को कार्यक्रम की शुरुआत धर्मतला मेट्रो स्टेशन पर एक स्थायी नोबेल स्मृति दीवार के उदघाटन के साथ होगी. साथ ही गीतांजली व श्यामबाजार मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शनी भी आयोजित की जायेगी, जो दो सप्ताह तक चलेगी. आइसीसीआर में भी एक चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित किये जाने की योजना है. 26 अक्तूबर को आइसीसीआर में टैगोर की प्रासंगिकता पर एक वर्कशॉप का आयोजन होगा, जिसमें टैगोर पर शोध करनेवाले देश व विदेश के शोधकर्ता हिस्सा लेंगे.

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