कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16,000 करोड रुपये की लागत से आधुनिक बनाये गये इस्को के बर्नपुर इस्पात कारखाने को 10 मई को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.
इस इस्पात कारखाने के पुनरुद्धार के बाद पश्चिम बंगाल को फिर से औद्योगिकीकरण के रास्ते पर लाने के अभियान के रुप में देखा जा सकता है. सरकार ने इस्को को 1972 में अपने नियंत्रण में लिया था और 1978 में यह सेल की पूर्ण अनुषंगी इकाई बनी.
कंपनी के अनुसार अत्याधुनिक इस्को स्टील संयंत्र भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) का पांचवां एकीकृत इस्पात संयंत्र है. कारखाने की सालाना हॉट मेटल क्षमता को बढाकर 29 लाख टन किया गया है जो पहले 8.5 लाख टन थी. 953 एकड क्षेत्र में फैला यह नया कारखाना शून्य उत्सर्जन के साथ आधुनिक हरित प्रौद्योगिकी से लैस है. सेल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिये नयी तकनीक अपनाने पर भी काम कर रहा है.
