ममता ने पश्चिम बंगाल के विभाजन से किया इनकार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के विभाजन को एक बार फिर नकाराते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) से दाजिर्लिंग पर्वतीय क्षेत्र से अनिश्चितकालीन बंद वापस लेने एवं जीटीए के नये कार्यकारी के चुनाव में सहयोग करने का आह्वान किया. ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें जीटीए के माध्यम से […]

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के विभाजन को एक बार फिर नकाराते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) से दाजिर्लिंग पर्वतीय क्षेत्र से अनिश्चितकालीन बंद वापस लेने एवं जीटीए के नये कार्यकारी के चुनाव में सहयोग करने का आह्वान किया.

ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें जीटीए के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्र का कामकाज चलाने के लिए हर चीज दी जिनमें ‘गोरखालैंड नाम भी शामिल है.’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जीटीए के अंतर्गत, एक दो विभागों को छोड़कर हमने उन्हें हर चीज दी जिनमें भूमि, स्वास्थ्य, शिक्षा, 100 दिन की काम योजना और अन्य चीजें शामिल हैं. यहां तक गोरखालैंड नाम और धन भी. ऐसे में, अब वे और क्या चाहते हैं. मैं नहीं समझ पा रही. मैं पहले ही कह चुकी हूं कि पृथक राज्य नहीं बन सकता. ’’धन नहीं मिलने के जीजेएम के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जीटीए का कामकाज चलाने के लिए धन दिया गया और वह धन बिना खर्च किए वापस भेजा जा रहा है. ’’

जीजेएम पर दाजिर्लिंग में बंद के नाम पर विकास गतिविधि अवरुद्ध करने और जबरदस्ती बंद थोपने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि मरीजों को अस्पताल ले जा रही कारें भी जला दी जा रही हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग बंद के नाम पर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं, पहले वे अदालत के आदेश का पालन करें और हमारी अपील पर ध्यान दें. बंद वापस लें और सामान्य स्थिति बहाल होने दें.’’ममता ने कहा कि कि वह तीन सितंबर को पर्वतीय क्षेत्रों के मूल निवासियों-लेपचाओं के न्यौते पर कलीमपोंग जायेंगीं.

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