एससी, एसटी व दलित मुसलिमों पर नजर

कोलकाता: पंचायत चुनाव की सफलता के बाद ममता बनर्जी की सरकार लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गयी है. इसके मद्देनजर दलित अल्पसंख्यकों व अनुसूचित जाति और जनजाति के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. वाम मोरचा के शासनकाल में इन वर्गो की अवहेलना किये जाने बात कहते हुए इस […]

कोलकाता: पंचायत चुनाव की सफलता के बाद ममता बनर्जी की सरकार लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गयी है. इसके मद्देनजर दलित अल्पसंख्यकों व अनुसूचित जाति और जनजाति के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. वाम मोरचा के शासनकाल में इन वर्गो की अवहेलना किये जाने बात कहते हुए इस संबंध में डाटा बैंक बनाने का निर्देश सुश्री बनर्जी ने प्रशासनिक अधिकारियों को दिया है. प्रशासनिक स्तर पर डाटा बैंक बनाने की प्रक्रिया तेज हो गयी है.

वित्त सचिव ने विभिन्न विभागों से मांगा डाटा
वित्त सचिव एचके द्विवेदी ने विभागीय सचिवों को पत्र लिखा है. इस पत्र में जानकारी मांगी गयी है कि किस विभाग में पिछड़े समुदायों के कितने पद रिक्त हैं. सभी विभागों की सूचना लेकर एक डाटा बैंक तैयार किया जायेगा. लोकसभा चुनाव से पहले यह डाटा बैंक वाम मोरचा के खिलाफ ममता बनर्जी का हथियार होगा. इससे पहले, सुश्री बनर्जी ने अन्य पिछड़े वर्ग के दलित मुसलिमों को आरक्षण देने की घोषणा की थी.

उल्लेखनीय है कि राज्य में करीब 27 फीसदी अल्पसंख्यक हैं. पूर्व वाम मोरचा सरकार का मुख्य वोट बैंक मुसलिम, अनुसूचित जाति व जनजाति संप्रदाय ही था. चुनाव से पूर्व मतुआ संप्रदाय को लुभाने में वाम मोरचा व तृणमूल कांग्रेस दोनों ने ही काफी कोशिश की थी. हालांकि अंतत: ममता बनर्जी को ही मतुआ संप्रदाय का आशीर्वाद मिला था.

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