कोलकाता: वाम मोरचा शासनकाल के दौरान राज्य के खाद्य व आपूर्ति विभाग में हुई नियुक्तियां नियमों को ताक पर रख कर की गयी थीं. सत्ता परिवर्तन के बाद नयी सरकार ने राशन वितरकों की नियुक्ति प्रक्रिया को देखा तो पता चला कि कई वितरकों की नियुक्तियां करने के लिए किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया है. इनकी नियुक्तियों के लिए न ही समाचार पत्रों में विज्ञापन दिये गयेथे और न ही इनके पास कंट्रोल आर्डर था.
राज्य के खाद्य व आपूर्ति विभाग ने फिलहाल 14 ऐसे राशन वितरकों को चिह्न्ति किया है, जिनके खिलाफ 29 अगस्त को विभाग द्वारा न्यू मार्केट थाना में एफआइआर दर्ज करायी जायेगी. इनकी नियुक्ति प्रक्रिया की सीआइडी जांच भी करायी जायेगी.
पूरे प्रकरण में पूर्व खाद्य मंत्री परेश अधिकारी की गतिविधियों की भी जांच की जायेगी. खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कूचबिहार, पश्चिम मेदिनीपुर, दाजिर्लिंग, सिलीगुड़ी व बांकुड़ा में 14 राशन वितरकों को अवैध तरीके से लाइसेंस दिया गया था. इन वितरकों के अधीन सैंकड़ों राशन डीलर हैं, जिनकी नियुक्तियां भी किस प्रकार से हुई हैं, इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है. राज्य के खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होगी.
