कोलकाता: राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बकाया बिजली बिल को वसूलने के लिए बिजली विभाग ने नयी पहल शुरू की है. राज्य के बिजली विभाग द्वारा ठेके पर निजी संस्थाओं को नियुक्त किया गया है, जो इन क्षेत्रों में घर-घर जाकर बकाया बिल वसूलने का काम कर रही हैं.
बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा बिजली की आपूर्ति तो की जा रही है, लेकिन वहां से बकाया बिल का भुगतान नहीं हो रहा. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल मिला कर करीब 150 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है. इसके लिए राज्य सरकार ने ठेके पर निजी संस्था व सेल्फ हेल्प ग्रुप को नियुक्त करने का फैसला किया है.
ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले लोग प्रत्येक तीन महीने में एक बार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, लेकिन एक बार में बिजली बिल का भुगतान कर पाना उनके लिए संभव नहीं है, इसलिए उनके लिए बिजली विभाग ने किस्तों पर बिजली बिल का भुगतान करने की योजना बनायी है. सरकार ने ठेके पर संस्था व एसएचजी को नियुक्त किया है, जो प्रत्येक सात या 15 दिन के अंतराल पर इनसे बिजली बिल को किस्तों के रूप में वसूलेंगे.
